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96 वीघा गेहूॅ की फसल जलकर राख, किसान चिंतिंत व दुखी

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
संतकबीरनगर 9 अप्रैल, खेतो में गेहू की फसल तैयार हो खड़ी है किसान अपने-अपने फसल को लगातार काट कर व्यवस्थित कर रहे है लेकिन शार्ट सर्किट, कम्बाइन मशीन से निकली चिंगारी या अज्ञात कारणो से आग लगने के कारण किसानो के फसल जलकर राख हो रहे है इस बात को लेकर किसान चितित है और लगातार तेज धूप में अपने शरीर को जलाकर अपने फसल को बचाने के लिए दिन रात लगे हुए है।
अधिकांश गांवो में आग लगने से किसानो के फसल जलकर राख हो गये है लेकिन हल्के के लेखपाल किसानो को मुआवजा दिलाये जाने के लिए सक्रियता नही दिखा रहे है और न ही किसान के पास कोई भी फसल जलने की जानकारी नही ले रहे है। इस बात से किसान चितित और दुखी है। आग की घटनाओ के क्रम में आज जिले में अलग-अलग स्थानो पर रविवार को आग की घटनाओ में 96 वीघा गेहूॅ की फसल जलकर राख हो गई। इसमें जब्बार गाॅव गोरक्षनाथ पीठ के सिद्वनाथ आश्रम की 22 वीघा (10 एकड़ के करीब) गेहू की फसल भी शामिल है। सूचना मिलने पर राजस्व कर्मियों ने नुकसान का जायजा लिया।
सिद्वनाथ आश्रम के पुजारी राम सुंदर नाथ ने बताया कि गेहूॅ की कटाई के बाद रविवार को पल्टन धोबी के खेत में भूसा बनाया जा रहा था। इसी दौरान निकली चिनगारी ने आग पकड़ लिया।
हवाओं के साथ फैली आग आश्रम के खेतों में खड़ी फसल तक पहुंच गई। आग लगने पर जब तक लोग बुझाने के लिए दौड़ते तब तक विकराल रूप धारण कर लिया। फायर बिग्रेड, एसओ मेंहदावल व ग्रामीणों की कोशिश से आग पर काबू पाया गया। आग से भूसा बनाने के लिए आया गोविन्दपुर मेंहदावल के प्रेमनारायण गुप्ता का टैªक्टर भी जलकर राख हो गया। मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा होने की जानकारी होने पर तत्काल पहुचें राजस्व कर्मियों ने मामले की जानकारी ली। इसके अलावा बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम अगियौना में बिजली की शार्ट सर्किट की चिंगानी से किसानों की लगभग 40 वीघा गेहू की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। कोतवाली क्षेत्र के परसवा में गेहू के खेत में लगी आग से 30 वीघा फसल जल गई। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। महुली के छितही व अछती में आग से लगभग 50 बीघा गेहू की फसल जल कर राख हो गई। लगातार आग की घटनाओ से किसानो की फसल जलकर राख हो रहे है आग की घटनाओ का फौरन फायर बिग्रेड व स्थानीय लोग आग को बुझाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है। लेकिन आग के आगोश में आने से फसले जलकर राख होने की 10 से अधिक घटनाये घटित हो चुकी है। कुछ स्थानो पर सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी भी मौके पर पहुचकर जानकारी लिये है। फसलो का मुआवजा दिये जाने के लिए तहसील प्रशासन द्वारा लापरवाही की जा रही है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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