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फातिमा ज़हरा दुनिया की महिलाओं के लिए आदर्श है-वसीम रजा
(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर) 9 मार्च, जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के उपनगर हल्लौर स्थित जन्नतुलवकी में बीती रात जष्न ए बतूल के उन्वान से एक तरही महफिल का आयोजन किया गया। जिसमें मुकामी शायरों ने पैगम्बरे इस्लाम हजरत मुुहम्मद साहब की पुत्री हजरत फातिमा ज़हरा की यौमे पैदाइश पर अपने अपने कलाम पढकर खूब वाहवाही बटोरी।
सदारत कर रहे मौलाना वसीम रजा जैदी ने कहा कि हजरत फातिमा ज़हरा का जन्म 20 जमादिस्सानी को हुआ था। हजरत फातिमा ज़हरा हमेशा के लिए सारी दुनिया की महिलाओं के लिए आदर्श है। इस्लाम में महिलाओं की शिक्षा के लिए हजरत फातिमा का स्थान
बहुत ही ऊंचा है। वैसे तो आप का नाम फातिमा ज़हरा है लेकिन आपकी उपाधियां ज़हरा, सिद्दीका, ताहिरा, जाकिरा, राजिया, मरजिया, मुहददेसा व बतूल है। महफिल की शुरूआत कारी माहताब हैदर काका के तिलावते कलाम पास से हुई। इसके बात नात ए पाक शादाब हल्लौरी तो कलाम जफर हल्लौरी, सज्जाद हल्लौरी, शमशाद हल्लौरी, फलक हल्लोरी, साबिर हल्लौरी, कायनात हल्लौरी, अजीम हल्लौरी हैदर हल्लौरी, कमर हल्लौरी, मोजिज हल्लोरी, हानी हल्लौरी आदि ने अपने अपने कलाम पढकर खूब वाहवाही बटोरी। महफिल के बीच बीच में नारे हैदरी या अली के सदाए बुदन्द हो रही थी। जिससे पूरा वातावरण खुशनुमा हो गया। अन्त में जाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर करबलाई ने कहा कि हजरत फातिमा स0अ0 के पिता पैगम्बर हजरत मुहम्मद मुस्तफा व आपकी माता हजरत खदीजातुल कुबरा है, आपका पालन पोषण स्वंय पैगम्बर की देखरेख में ही हुआ।
उन्होने कहा कि हजरत फातिमा स0 का विवाह हजरत अली अलैहिस्सलाम के साथ हुआ और विवाह के उपरान्त नौ साल तक जिन्दा रही। उन्होने चार बच्चों को जन्म दिया जिसमें हजरत इमाम हसन अस0, हजरत इमाम हुसैन अस0, हजरत जैनब सअ0, हजरत उम्मे कुलसूम। अन्त में उन्होने कहा कि आपको जो ज्ञान प्राप्त हुआ वह अल्लाह से प्राप्त हुआ था।
साथ ही हजरत फातिमा महिलाओं को कुरआन व धार्मिक शिक्षा देती व उनको उनके कर्तव्यों के प्रति सजग करती रहती थी। आखिर में उन्होने हजतर फातिमा ज़हरा के यौमे पैदाइश पर सभी को मुबारकबाद पेश की। अन्त में महफिल आयोजक खादिम अब्बास मुंबई ने आये हुए लोगों का शुक्रिया अदा किया। इसी क्रम में शुक्रवार को हुसैनी यूथ फाउण्डेशन के अध्यक्ष राहिब रिजवी की जानिब से दरगाह हजरत अब्बास अ0स0 में यौम ए ख्वातीन के उन्वान से एक महफिल आयोजित की गई जिसमें कस्बे की ख्वातीनों ने बढचढ कर हिस्सा लिया।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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