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हनुमानगढ़ी सिद्ध पीठ में भक्तों को मिलेगी और बेहतर सुविधाएं – प्रेमदास जी महाराज

HAnuman garhi 3

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
अयोध्या 20 दिसम्बर, हनुमानगढ़ी सिद्धपीठ के गद्दीनसीन महंत प्रेमदास जी महाराज ने बताया है कि अयोध्या के महत्वपूर्ण प्रमुख मंदिरों में सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी सम्मिलित है यह मंदिर अयोध्या के एक पुराने टीले पर स्थित है टीले पर स्थित होने के कारण मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 76 सीढि़यां चढ़नीं पढ़ती हैं उसके बाद मां अंजनी व पवन पुत्र हनुमान जी के प्रतिमा के दर्शन उपलब्ध होते हैं जो हमेशा फूल मालाओं से सजे रहते हैं हम सभी का मानना है कि इस मंदिर में आने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं इस हनुमानगढ़ी में मां अंजनी व बाल हनुमान जी की मूर्ति है हनुमान जी को अंजनी माता अपने गोद में लिए हुए हैं।
आज यहां उन्होने ‘‘विचारपरक’’ सेा बातचीत मंे बताया है कि हनुमानगढ़ी में लगभग 600 साधु रहते हैं जो हनुमान जी की पूजा अर्चन से लेकर सभी व्यवस्थाएं देखते हैं इस हनुमानगढ़ी में एक गद्दी नशीन होते हैं जो पूरे मंदिर की जिम्मेदारी संभालते हैं इस हनुमानगढ़ी में चार पट्टीया है- (1) सागरिया पट्टी ( 2) उज्जैनिया पट्टी (3) बसंतिया पट्टी
(4) हरिद्वारी पट्टी इन सभी पट्टियों के अलग अलग महंत हैं सभी पट्टियों में तीन तीन जमात हैं पहली खालसा दूसरी डूंडा तीसरी झुन्डी जमात के बाद आता है वंश -वंश के बाद आता है स्थान -स्थान पर सभी साधू रहते हैं।
हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनसीन महंत रमेश दास जी का शरीर छूटने के बाद मंदिर में सभी की सहमति के बाद मुझे गद्दी नशीन बनाया गया उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ी में आने वाले श्रद्धालुओं को अच्छी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी दर्शनार्थियों को दर्शन सुलभ कराने के लिए मंदिर पर मौजूद व्यवस्थापक द्वारा उचित व्यवस्था दी जाएगी इससे पहले भी दर्शनार्थियों के लिए बारिश व धूप से बचने के लिए टीन सेट की व्यवस्था की गई है उन्होंने बताया कि हम सारी व्यवस्था अपने हाथ में लेंगे और मंदिर को भव्य रूप देने के लिए एक बैठक करेंगे अभी मंदिर में सामान्य दिनों में लगभग 2000 से लेकर 3000 दर्शनार्थी दर्शन करते हैं लेकिन अब दर्शनार्थियों की संख्या में वृद्धि होगी। मंगलवार को यह संख्या दो गुने से तीन गुने तक बढ़ जाती है।
श्री प्रेमदास जी महाराज ने बताया है कि श्री हनुमान जी की पूजा अर्चना सच्चे मन से करने पर मनोवांछित फल मिलता है और भक्तों का सभी कष्ट दूर हो जाता है। हनुमानगढ़ी सिद्धपीठ में देश के विभिन्न अंचलों से श्रद्धालू और भक्त तो आते ही हैं विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्तगण आते हैं। दर्शन पूजन हेतु आने वाले भक्तों को और बेहतर सुविधा प्रदान करने की योजना है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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