आज की ताजा खबर

स्काउट गाइड से आत्म विश्वास बढता है-मो0 इशहाक उस्मानी

20171123_134435

आलोक कुमार श्रीवास्तव
विचारपरक सवांददाता
बयारा (सिद्धार्थनगर) 23 नवंबर , स्काउट गाइड प्रशिक्षण से आत्म विश्वास बढता है और छात्रों में रचनात्मक प्रवृत्ति का विकास होता है।
यह विचार रफी मेमोरियल इटंर कालेज चकचई मे चल रहे तीन दिवसीय स्काउट गाइड के समापन के मुख्य अतिथि शिक्षा विद् मो0 इशहाक उस्मानी ने व्यक्त करते हुए कहा कि स्काउट गाइड प्रशिक्षण से छात्राओं में रचनात्मक क्षमता का विकास होता है।
उन्होने स्काउट गाइड के संक्षिप्त इतिहास, उद्भव एवं विकास, नियम प्रतिज्ञा, झण्डा गीत, सैल्यूट, ध्वजारोहरण, बर्षा ताली, शाबास ताली, त्रिदल ताली, स्काउट गाइड के जन्मदाता का नाम, जीवन परिचय आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया बच्चो मे सीखने की अपार क्षमता हो ती बस यह आवश्यक है कि उनको सिखाया जाये। मुसीबत के समय मे स्काउट के गुण ही काम आयेगे इसको मन से सीख कर प्रतिदिन सबकी सहायता करनी चाहिए।
उन्होने कहा कि जीवन मे कठिनाइयां बहुत आती है उससे लड़ने के लिए स्काउट के नियमो की जानकारी रखे और कठिनाइयो से लड़े,आज के युग मे बेटियां भी हर प्रतियोगिता मे भाग ले रही है और सफल होकर शिखर तक पहुंचती है।सरकार द्धारा भी बेटियो के शिक्षा-दीक्षा के लिए अलग से बजट पेश होता है जो बहुत ही सराहनीय है।
सजाम मे फैले बुराइयो को समाप्त करने के लिए यही बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के बाद आगे आयेगे और समाज को सुधारेगे।
श्री उस्मानी ने रफी मेमोरियल इटंर कालेज के समस्त स्टाप का आयोजन को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।
विशिष्ट अतिथि समाज सेवक काजी सुहेल ने कहा कि छात्र-छात्राएं पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण लें और अन्य लोगों को भी इससे जोड़े,जिससे हमारे समाज को एक नया सन्देश
जाये कि बच्चे पढाई के साथ-साथ समाज सेवा भी कर रहे है।आज के छात्र ही देश के भविष्य है।
विशिष्ट अतिथि सदस्य जिला पंचायत मोहम्मद जमाल ने छात्र-छात्राओ को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्काउट गाइड के नियमो से समाज मे फैली बुराईयो को दूर किया जा सकता और समाज सेवा भी किया जा सकता है अगर स्काउट के नियम से सड़क दुर्घटना मे पड़े व्यक्ति को प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे अस्पताल लेजाये तो दूसरे देखने वाले व्यक्ति भी उससे प्रेणा लेगे और वे भी समाज सेवा करेगे, 7 स्काउट टोली द्धारा टेन्ट बनाया गया था तथा 12 गाइड द्धारा टेन्ट,भारत माता की झांकी,पकवान बनाया गया जिसका मुख्य अतिथि के साथ विद्यालय के समस्त स्टाप ने निरीक्षण किया।
प्रधानाध्यापक अहमद फरीद अब्बासी ने मुख्य अतिथि को माला पहना कर स्वागत किया और छात्र-छात्राओ को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप लोगो की मेहनत से विद्यालय का नाम रोशन हो रहा है।
उन्होने समस्त विद्यालयों के अध्यापकों और शिक्षकों से कहा कि वे छात्रों को ऐसी शिक्षा न दें, जिससे छात्र श्रम का तिरस्कार करें। स्काउट गाइडों के क्या नियम हैं, यह बताते
हुए उन्होंने कहा कि तीन प्रतिज्ञाएं और 9 नियमों के अधीन स्काउट गाइडों को कार्य करना चाहिए। स्काउट गाइड विश्वसनीय होता है, मितव्ययी होता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि फूल जो होते हैं, वह सुलाते हैं और कांटे जो होते हैं वह जगाते हैं। इसलिए स्काउट गाइडों का पथ भी कांटों से कम नहीं है।
उन्होने कहा कि स्काउटिंग आह्नान कर रहा है कि आवो! हमारे घेरे में आओं! कैरियर के साथ अच्छा व्यक्ति बनने के लिये। हम आपको अच्छा व्यक्ति बनाना चाहते हैं। अच्छा
इन्सान बनने के लिए सतत प्रयत्न करना होगा। जो इन्द्र धनुष देखना चाहते हैं उन्हें वर्षा जनित असुविधाओं से भी रूबरू होना ही पडे़गा। स्काउटिंग का छोटा सा उद्देश्य है-
युवाओं को बेहतर बनाना ताकि वे अपनी ईश्वर प्रदत्त क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकें।
छात्राओ द्धारा भारत माता की झांकी निकाला गया पथ संचलन में शामिल भारत माता की झांकी देश भक्ति की अलग छटा बिखेर रही थी। पथ संचलन के स्वागत के लिए बड़ी
संख्या में लोग उमड़ पड़े लोगों ने ताली बजा कर स्वागत किया।
20171123_134435

20171123_140934
झांकी मे भारत माता का रोल करते हुए रिया अग्रहरि ने देश प्रेम के नारे लगाये और देश से प्रेम करने की प्रेणा दिया। रिया अग्रहरि को सदस्य जिला पंचायत मो0 जमाल ने पुष्प देकर सम्मानित किया।
देश भक्ति चन्द्र शेखर आजाद का मंचन करते हुए रवि कुमार ने कहा जब कभी भी आपको किसी शक्तिशाली व्यक्तित्व को देखने की इच्छा हो तो आपके दिमाग में सबसे पहले भारत के उग्र स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद का नाम अवश्य आयेगा। वे भारत के महान और शक्तिशाली क्रांतिकारी थे, आजाद भारत को अंग्रेजो के चंगुल से छुडाना चाहते थे।
उन्होने कहा सबसे पहले उन्होंने महात्मा गांधी जी के असहयोग आंदोलन में भाग लिया था, बाद में उन्होंने आजादी के लिये संघर्ष करने के लिये हथियारों का उपयोग किया। आजाद के आश्चर्य चकित कारनामो में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक एसोसिएशन संस्था शामिल है। उन्होंने अपने सहकर्मी भगत सिंह और सुखदेव के साथ मिलकर अंग्रेजो से लड़ना शुरू किया था, और इसके लिये उन्होंने झाँसी कैंप की भी स्थापना की।सभी छात्र-छात्राओ को देश से प्रेम करने की पे्रणा दिया।
स्काउट गाइड के प्रशिक्षण कलीमुल्लाह तथा मंयक रावत ने सभी छात्र-छात्राओ को स्काउट गाइड के नियमो बताया और उनके गुण तीन दिवसीय प्रशिक्षण मे दिया गया।
प्रथम प्रशिक्षण कभी भी किसी परेशानी मे पड़ने पर कम से कम साधन मे उससे निकला कैसे जाये।द्धितीय प्रशिक्षण कोई व्यक्ति है जिसकी दुर्घटना हो गयी है वह कंही बेहोश पड़ा है,तड़फड़ा रहा है,इलाज के लिए चिल्ला रहा है उसकी सहायता कैसे की जायेगी।
तृतीय प्रशिक्षण स्काउट गाइड के नियम क्या-क्या है।इन सभी को लेकर आज विद्यालय के पूरे परिसर मे छात्र-छात्राओ द्धारा रंगोली बना कर,समस्या से निपटने के लिए टेन्ट,
प्राथमिक उपचार,कम सामान मे अच्छा भोजन तथा कम समय मे पकने वाला तैयार किया गया।
स्काउट अफ्फान,अमित कुमार, इस्माइल, अरमान, मो0 आतीफ, विकास तथा गाइड मे नूरी सिद्दीकी, तबसुम, अमृता, महजबीन, संजू शर्मा, हिमांशु अग्रहरि, सलमा, पल्लवी, रहन्नुमा, रोजिया, रिया ने स्काउट गाइड के नियमो के तहत टेन्ट, पकवान, इलाज कैसे किया जाये सभी की तैयारी करके प्रर्दशन किया जो पूरे परिसर मे छटा बिखेर रही थी।
इस अवसर पर महबुबुर्रहमान, अजहर अली, नसीम अहमद, फखरूद्दीन, अनरेन्द्र प्रताप सिंह, मकबूल अहमद, कपिल देव, जावेद अहमद, आसिफ कलाम, रियाज अहमद,कुन्न सहित विद्यालय परिवार के अलावा नागरिका मौजूद रहे।

About The Author

अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enter the text from the image below