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साहित्य अदब जिंदगी का हिस्सा है-अजीज कुरैशी

साहित्य अदब जिंदगी का हिस्सा है-अजीज कुरैशी -

आलोक कुमार श्रीवास्तव
विचारपरक सवांददाता
डुमरियागंज(सिद्धार्थनगर) 16 दिसम्बर, पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने कहा है कि साहित्य अदब जिंदगी का हिस्सा है जिसे हमें सहेज के रखना होगा आज हमें समाज को बदलने की आवश्यकता है। मौजूदा समाज बेहतर नहीं है इसके लिए साहित्यकारों व पत्रकारों को एक बार फिर आगे आना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में रोजी रोटी व बेरोजगारी का संकट है इसे दूर करना चाहिए।
आज बतौर मुख्यअतिथि पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने तहसील मुख्यालय पर स्थित बंधन पैलेस में पूर्वांचल साहित्य महोत्सव कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज के बदलने से पहले खुद को बदलना जरूरी है, दुनिया को बदलने से पहले खुद को ठीक करना जरूरी है।
समाज में जिस बदलाव की सबसे ज्यादा जरूरत है वो है लोगों के मन में सुरक्षा का भाव आना। जिसकी शुरुआत घर से होती है समाज को तभी बदला जा सकता है जब हमारी मानसिकता बदलेगी।पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि साहित्य आज भी ताकतवर है इसे लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है एक अच्छे समाज का दूसरा पहलू साहित्य है।
डुमरियागंज के सांसद जगदम्बिका पाल ने पूर्वांचल साहित्य महोत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्वांचल साहित्य महोत्सव आने वाले दिनों में तथागत की साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र अग्रणी भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम का पहला सत्र आप क्या चाहते हैं। विषय पर आयोजित किया गया जिसमें अबू हाशिम, पंकज सिद्धार्थ, नूर अहमद नूर ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का संचालन नियाज कपिलवस्तु ने किया। इसके बाद वरिष्ठ पत्रकार नजीर मलिक ने पत्रकारिता और सामाजिक सरोकार विषय पर अपने विचार रखें। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पत्रकारिता आज समाज का बदला हुआ रूप है जिसे हमें एक मिशन के रूप में लेना चाहिये। इसके बाद पुलिस विभाग के सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश गौतम ने अपनी कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अगले भाग में मनीष पांडे व विक्रम प्रसाद मिश्रा ने समाज और पत्रकारिता विषय पर चर्चा की। मुख्य चर्चा में साहित्य में सियासत या सियासत में साहित्य विषय पर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी, कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी, सपा प्रवक्ता अमित जामई व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता दीपक मिश्रा ने अपनी अपनी बात लोगों के सामने रखी। इस विषय पर कार्यक्रम का संचालन रुद्र प्रताप दुबे ने किया। कार्यक्रम के अगली कड़ी में समाज में महिलाओं के समक्ष चुनौतियां विषय पर कंचन यादव, रीता मधुकर, स्वेता राय ने चर्चा की। महोत्सव के आखिरी पड़ाव पर फैशन डिजाइनर व ब्यूटीशियन अनु टंडन से चर्चा की गई जिस का संचालन रुद्र प्रताप दुबे ने किया। अंतिम परिचर्चा में राकेश ऋषभ, अनूप शुक्ला, आनंद सुमन ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें साहित्यकारों, पत्रकारों व समाजसेवी को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम आयोजक जीएच कादिर ने सभी आगंतुकों का आभार प्रकट किया।कार्यक्रम के दौरान प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, संजय त्रिपाठी, राम कुमार उर्फ चिंकू यादव, इरफान मलिक, नसीम अहमद, मिर्जा महबूब हसन, डॉक्टर तारिक जमील, अहमद फरीद अब्बासी, प्रेम नारायण,सच्चिदानंद पांडेय, रमेश पांडेय, काजी सुहेल,घिस्यावन यादव, आरिफ उस्मानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे कार्यक्रम का सफल संचालन रत्नेश शुक्ला ने किया।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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