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साहित्यकारो की सदैव सराहनीय भूमिका रही है-अहमद फरीद अब्बासी

साहित्यकारो की सदैव सराहनीय भूमिका रही है-अहमद फरीद अब्बासी

(विचारपरक प्रतिनिधि द्धारा)
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर) 31 जलाई , जनपद के स्थापित एवं नवोदित रचनाकारों को एक साथ एक मंच पर लाने के उद्देश्य से नवोन्मेष द्वारा शुरू की गयी साहित्यिक पहल दीपक संग कविता का सफल आयोजन रफी मेमोरियल इण्टर कॉलेज, चकचई, डुमरियागंज में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक अहमद फरीद अब्बासी एवं संचालन वरिष्ठ रचनाकार डा0 ज्ञानेन्द्र द्विवेदी दीपक द्वारा किया गया।
वरिष्ठ शायर नजीर मलिक ने अपनी रचना ओ मेरी सपनो की रानी, मेरी प्रथम अंतिम प्रेम कहानी से कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान किया, कवि ब्रम्हदेव शास्त्री पंकज ने अपनी रचना से वर्तमान हालात पर तंज कसा। शायर जमाल कुद्दूसी ने भी अपनी रचनाओं से खूब तालियाँ बटोरी। डा.ज्ञानेन्द्र द्विवेदी ने इन टुकडों में मेरा हिन्दुस्तान कहाँ हैं से सांप्रदायिक सद्भाव का सन्देश देते हुए देश की एकता की बात की।
डा.सुशील सागर, संघशील झलक, पंकज सिद्धार्थ, राकेश त्रिपाठी गँवार, नसीम अहमद सिद्दीकी आदि ने भी काव्य पाठ कर आयोजन को सफल बनाया।
नवोन्मेष अध्यक्ष विजित सिंह ने सभी कवि शायरों एवं श्रोताओं का धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारा प्रमुख उद्देश्य यही है कि हम युवाओं समेत उन सभी लोगों को कविताओं और शायरी से जोडे जिनमें काव्य सृजन की क्षमता है। तमाम ऐसे लोग हैं जो उचित मार्गदर्शन से उम्दा मुकाम हासिल कर सकते हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य यही है और डुमरियागंज में तमाम नवोदित रचनाकारों ने इसमें प्रतिभाग कर आयोजन की सार्थकता सिद्ध कर दी।
इस मौके पर प्रधानाघ्यापक अहमद फरीद अब्बासी ने कहा कि ऐसे आयोजन से साहित्यक गति विधियो को बढ़ावा मिलता है साहित्यकार समाज के सेवक और मार्ग दर्शक है।आजदी की लड़ाई से लेकर समाज के नवनिर्माण मे साहित्यकारो की सदैव सराहनीय भूमिका रही है।
श्री अब्बासी ने इस मौके पर आये साहित्यकारो का स्वागत करते हुए विद्यालय परिवार की ओर से सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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