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शोहरतगढ़ में भिरण्डा माता मंदिर पर मेला शुरू

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
शोहरतगढ (सिद्धार्थनगर) 18 मार्च,
हिन्दू धर्म सबसे प्राचीन है… हिन्दू धर्म नहीं, एक जीने का तरीका है? एक जीने की शैली है, हिन्दू धर्म हमारी चेतना का अधिकार और दूरगामी होने पर बल देता है। हिन्दू धर्म उच्च चेतना और आत्मा के विस्तार तथा चरित्र के उत्कृष्टता पर बल देता है।
यह विचार आयोजन के मुख्य अतिथि समाजसेवी राजा योगेन्द्र प्रताप सिंह ने शोहरतगढ़ के समीप भिरण्डा पर लगने वाले मेले के शुभारम्भ के दौरान कही। विशिष्ट अतिथि के रूप में हिन्दू युवा वाहिनी देवी पाटन मण्डल प्रभारी सुभाष गुप्ता ने कहा कि हिन्दू नववर्ष पर प्रकृति भी साथ देती है, हमें भी हिन्दू नववर्ष धूमधाम से मनाना चाहिए।
विदित हो कि नवरात्रि के पावन पर्व पर शोहरतगढ़ से सटेे भिरण्डा माता के मंदिर पर भब्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें माता की झांकी निकालकर, उनकी शोभा यात्रा श्रीराम जानकी मन्दिर से होते हुए, गड़ाकुल नीबी दोहनी के रास्ते सुनारी मोहल्ला होकर शिवबाबा स्थान होते हुए निकाली जाती है, जिसमें श्रद्धालु भिरन्दा स्थान तक जाकर माता में दरबार में माथा टेकते हैं। यह भी विदित है कि आज तक माता के दरबार के कोई खाली हाथ नहीं गया, उक्त मेले में दूर दूर से लोग आते है और अपनी अरदाय लगाते है।
श्रीसमय माता समिति के पदाधिकारियों द्वारा सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। जिसमें मुख्य रूप से मुख्य अतिथि राजा योगेन्द्र प्रताप सिंह, कंुवर धर्नुधर प्रताप सिंह, देवी पाटन मण्डल प्रभारी सुभाष गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह, नगर अध्यक्ष श्रीमती बबिता कसौधन, हिन्दू महासभा जिलाध्यक्ष योगेन्द्र जायसवाल, रवि श्रीवास्तव, मंदिर प्रचारक कमलेश गुप्ता, उपाध्यक्ष डब्लू अग्रहरि, अध्यक्ष मदन गौड़ संजय राजभर, मनोज तिवारी सहित कमेटी के कई सदस्य व एस0ओ0 शोहरतगढ़ अरविन्द कुमार मिश्र समेत स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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