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शिव मन्दिरो मे उमड़ा जनसैलाब श्रद्धा के जल से नहाये भोले नाथ

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(विचारपरक प्रतिनिधि द्धारा)
बस्ती 13 फरवरी, बस्ती मण्डल के तीनो जिलो बस्ती,सिद्धार्थनगर,सतंकबीरनगर मे आज शिवालयो मे जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु घण्टो लाईन मे लग कर भेले नाथ के जायकारे लगाते हुए भोलेनाथ का जलाभिषेक किया,कई जगहो पर शिव बरात निकाली गयी जिसको देखने के लोगो की भीड़ लग गयी।
आज यहां यह जानकारी देते हुए पुलिस सूत्रो ने बताया है कि शिवरात्रि के अवसर मे मण्डल के तीनो जिलो बस्ती,सिद्धार्थनगर तथा सतंकबीरनगर मे विभिन्न जगहो पर मेले का आयोजन हुआ जिसमे सुरक्षा के कड़े इन्तजाम किये गये थे।

बस्ती जिले के भदेस्वरनाथ मन्दिर मे प्रातः काल से ही श्रद्धालुओ का जमावड़ा होने लगा देखते ही देखते मन्दिर का पूरा परिसर भक्तो से भर गया,भानपुर तहसील क्षेत्र मे,हर्रैया तहसील क्षेत्र मे,रूधौली तहसील क्षेत्र के विभिन्न शिवालयो के परिसर मे मेले का आयोजन किया गया।
सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कटेश्वर नाथ,भुनेश्वर नाथ मन्दिर भानपुररानी,राप्ती नदी,भारत-भारी के तट पर,जहदा घाट,इटवा तहसील क्षेत्र मे,बांसी तहसील के माघ मेला परिसर सहित दर्जनो जगहो पर मेले का आयोजन किया गया। संतकबीरनगर जिले मे महाशिवरात्रि के पर्व पर आज जिले के शिव मंदिरो में लाखो श्रद्वालुओ ने देवाधि महादेव भगवान शिव का जलाभिषेक किया। शिव नगरी बाबा तामेश्वरनाथ धाम में आस्था के जल से नहलाए गए भोलेनाथ।

आज सुबह से ही शिव भक्तों की भीड़ मंदिर पर लग गई और भोलेनाथ को आस्था का जल चढ़ाया। भक्तो ने जलाभिषेक के बाद पूजा अर्चना की। इस अवसर पर बम-बम भोले और हर महादेव के जय घोष से गंूज उठी तामेश्वरनाथ नगरी। पूजन अर्चन के साथ जलाभिषेक महारूद्राभिषेक, शिव कथा का सिलसिला शुरू हो गया। जनपद मुख्यालय से धनघटा-खलीलाबाद मार्ग पर आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित बाबा तामेश्वरनाथ धाम की महिमा अपार है। यहां जलाभिषेक का मन वांिछत फल पाने की श्रद्वा और विश्वास को लेकर बड़ी संख्या में इस बार भी भक्तो की भीड़ जुटी है और आने का सिलसिला जारी है। साथ ही मंदिर परिसर में पूजन व प्राथमिक कार्यक्रमो का सिलसिला भी चल रहा है। भक्तो की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती है।
महिलाओ और पुरूषो की अलग-अलग कतारे मंदिर पर पूजा अर्चना के लिए लगाई गई है। यहां आस्था के साथ पूजा करने व मन्नते मांगने पर भक्तो की मनोकामना पूरी होतीहै। शिव भक्तो की उमड़ी भीड़ और भोलेनाथ के जयकारे लगे तथा मेले से शिवनगरी तामेश्वर नाथ गुलजार है। भक्तो के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया। दुसरे जनपदो से आने वाले श्रद्वालुओ के लिए ठहरने की भी व्यवस्था मंदिर समिति द्वारा की गई है। भीड़ के मद्देनजर मंदिर परिसर के इर्द गिर्द बैरीकेटिंग की व्यवस्था की गई है। पर्याप्त संख्या मेंपुलिस बल तैनातहै। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी मे है मेला परिसर। इसके अलावा जिले के कुबेरनाथ, मंगेश्वरनाथ,कोपेश्वर नाथ,कंकडेश्वर नाथ, बैजूनाथ,भैरोनाथ, हैमेश्वरनाथ आदि मंदिरो में भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। सुबह से ही हर-हर महादेव के जयघोष से गंूजता रहा। मंदिर परिसर तथा जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा। पुराणो के अनुसार शास्त्रो में कहा गया है कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि में चंद्रमा सूर्य के सबसे समीप माना जाता है। अतः इस चतुर्दशी को शिवपूजा करने से भक्तों को भगवान शिव से मनोवांच्छित फल की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि का पर्व परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण का मंगल सूचक पर्व है। स्कंदपुराण के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को उपवास किया जाता है, इस तिथि को सर्वोत्तम माना जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार शिवरात्रि से एक दिन पूर्व त्रयोदशी तिथि में भगवान शिव की पूजा की जाती है और व्रत का संकल्प लिया जाता है।
इसके बाद चतुर्दशी तिथि को अन्न-जल ग्रहण किए बिना रहकर शिव आराधना की जाती है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुभ माना जाता है। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराकर ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए। भगवान शिव की विशेष रात्रि महाशिवरात्रि को जागरण किया जाता है और अगले दिन प्रातः काल में ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण किया जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित किया जाता है। भगवान शिव को बेलपत्र बेहद प्रिय होते हैं। शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव को रुद्राक्ष, बिल्व पत्र, भांग, शिवलिंग औक काशी अतिप्रिय हैं।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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