आज की ताजा खबर

शिक्षा क्षेत्र में अनुशंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है-श्रीराम नाईक

शिक्षा क्षेत्र में अनुशंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है-श्रीराम नाईक

आलोक कुमार श्रीवास्तव
विचारपरक संवाददाता
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर) 14 दिसम्बर, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति श्रीराम नाईक ने कहा है कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश से सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिये प्रयास किया जा रहा है। सभी विश्वविद्यालयों के स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के लिये विशेष ड्रेस की व्यवस्था किया गया है। प्रदेश के कुल 29 विश्वविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिये कुलाधिपति होने के कारण मेरे द्वारा निरन्तर प्रयास किया जा रहा है।
आज यहां सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षान्त समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के 29 विश्वविद्यालयों में से 4 नये विश्वविद्यालय है। 25 विश्वविद्यालयों में से आज सिद्धार्थ विश्व विद्यालय 18वां विश्वविद्यालय है जिसका दीक्षान्त समारोह आज हो रहा है। दीक्षान्त समारोह की विशेष महत्ता है हमको शिक्षा की गुणवत्ता तथा शिक्षा क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा निरन्तर परिश्रम करने से सफलता मिलती है सफलता के लिए चलते रहो-चलते रहो के मूल मंत्र को अपनाना होगा। तभी लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता मिलेगी।
इस अवसर पर कुलाधिपति राज्यपाल श्रीराम नाईक द्वारा 52 छात्र-छात्रों को स्वर्ण पदक तथा 26 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान करके सम्मानित किया गया।
शिक्षा क्षेत्र में अनुशंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है-श्रीराम नाईक 2

शिक्षा क्षेत्र में अनुशंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है-श्रीराम नाईक 3
इस मौके पर सिद्धार्थ विश्व विद्यालय के कुलपति डा0 रजनीकांत पाण्डेय ने मुख्य अतिथि सहित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सिद्धार्थ विश्व विद्यालय के क्षेत्र में 6 जिले आते है, यह विश्व विद्यालय 21वीं सदी का विश्व विद्यालय है। शासन द्वारा डिजिटल इण्डिया के क्षेत्र में सिद्धार्थ विश्व विद्यालय का स्थान प्रदेश में 1 नम्बर पर है। नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण यह विश्वविद्यालय नेपाल के छात्र-छात्राओं की शिक्षा हेतु सुगम है। विश्व विद्यालय द्वारा शिक्षा सत्र 2015-2016 की प्रथम परीक्षा समयबद्ध ढंग से करायी गयी, जिसमें 90 हजार परीक्षार्थी सम्मिलित हुये थे तथा वर्ष 2016-17 में विश्व विद्यालय की परीक्षा में लगभग 1 लाख 70 हजार परीक्षार्थी सम्मिलित हुये है।

समारोह को सम्बोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता संसद सदस्य जगदम्बिका पाल ने सिद्धार्थ नगर जिले के गौरव पूर्ण इतिहास से अवगत कराते हुये कहा कि इस पवित्र भूमि को भगवान गौतम बुद्ध के जन्म स्थली होने का गौरव प्राप्त है। यहां के नागरिक शांति प्रिय है अनेक कारणों से इस जिले का विकास नहीं हो पाया है, विकास के दौर में अभी भी यह जिला पिछड़ा हुआ है।
श्री पाल ने मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सिद्धार्थ नगर विश्वविद्यालय देश के प्रमुख विश्व विद्यालयों में सम्मिलित हो इसके लिये विश्व विद्यालय प्रशासन तथा जिले के सभी जन प्रतिनिधियों को मिल-जुल कर प्रयास करना होगा।
इस मौके पर बस्ती पुलिस परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश चन्द्र शाहू, पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी प्रभारी जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी न्याययिक गुरू प्रसाद गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक अरविन्द मिश्र, उप जिलाधिकारी इटवा जुबेर बेग, शोहरतगढ़ सत्यप्रकाश सिंह, बांसी प्रबुद्ध सिंह, बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी ओम प्रकाश अंजोर, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी राजेश सिंह, तहसीलदार शोहरतगढ़ संतोष कुमार ओझा, तहसीलदार नौगढ़ नन्द प्रकाश मौर्य, सिद्धार्थ विश्व विद्यालय के दीक्षान्त समारोह आयोजन के सदस्यगण सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग मौजूद रहे।

About The Author

अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enter the text from the image below