आज की ताजा खबर

राम जन्म की कथा सुदनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गये

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
बस्ती 23 मार्च, जिले के दुबौलिया विकास खण्ड़ क¢ जीवपुर में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा क¢ चैथे दिन अवधधाम से पधारे कथावाचक डाॅ. संतशरण त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को भगवान राम जन्म की कथा को विस्तार से सुनाया। जन्म क¢ पश्चात कलाकारो द्वारा प्रस्तुत मांगलिक गीतो पर श्रद्धालु देर रात तक थिरकते रहे।
कथा को विस्तार देते हुए श्री त्रिपाठी ने कहा कि रावण क¢ पाप का अंत करने क¢ लिए राम का जन्म नही हुआ था बल्कि मन और सतरूपा क¢ तप एवं पुण्य का परिणाम था। उन्होंनें कहा कि दशरथ और कौशल्या जैसे स्वाभाव वाले माता-पिता जब मिलते है तब भगवान का जन्म होता है। भगवान का अवतार अपने भक्तो क¢ कल्याण क¢ लिए हुआ था।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि यदि आप चाहते हो कि घर में भगवान राम जैसे पुत्र का जन्म हो तो अपने स्वभाव को रानी कौशल्या एवं राजा दशरथ के समान बनाना होगा। उन्होंनें कहा कि विशेष परिस्थितियों क¢ कारण इस धरा धाम पर भगवान का अवतार होता है। अन्याय व अत्याचार को इस धरती से मिटाकर धर्म की स्थापना करना ही भगवान क¢ अवतार का मुख्य उद्देश्य था। श्री त्रिपाठी ने कहा कि जैसे ही भगवान राम का अयोध्या में जन्म हुआ सारे नगरवासी हर्षित हो उठे। देवतागण आकाश से सुमनवृष्टि करने लगे। चारो तरफ जयघोष सुनायी देने लगा। कथा वाचक ने कहा कि भगवान क¢ जन्म क¢ पश्चात अयोध्या में शंख, दुन्दुभी, ढोल, नगारे आदि बजने लगे।
महिलाएं सोहर आदि मांगलिक गीत गा-गाकर थिरकने लगी। कलाकारो द्वारा प्रस्तुत मांगलिक गीतो पर श्रद्धालु देर रात तक थिरकते रहे। इस मौक¢ पर एडवोक¢ट बाबूराम सिहं, संजीव कुमार सिंह, पूर्व प्रधान राधेश्याम, चन्द्रभूषण पाण्डेय, प्रधान संघ क¢ अध्यक्ष अनिल सिहं, शैलेन्द्र सिंह, बुद्धिसागर, विजय प्रताप सहित तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।

About The Author

अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enter the text from the image below