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मखौड़ा धाम से शुरू अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा में सामिल श्रद्धालु श्रृंगी आश्रम पहुंचे

अनुराग कुमार श्रीवास्तव
विचारपरक संवाददाता
बस्ती 14 अप्रैल, जिले के मखौडा धाम से विश्व प्रसिद्ध अयोध्या का 84 कोसी परिक्रमा 12 अप्रैल बुधवार को शुरू हुआ था परिक्रमा में सामिल साधु संत और भक्त जन अपने द्वितीय पडाव हनुमान बाग चकोही से आज प्रातः पूजा अर्चना और हवन करने के बाद धर्मध्वज लहराते भगवान श्रीराम और भगवान श्री शंकर का जयघोष करते पवित्र सरयू नदी के सेरवाघाट से नाव द्वारा नदी पार करके श्रद्धालु अम्बेडकर नगर जिले के श्रृंगी आश्रम पहुंच गये है। श्रंृगी आश्रम पहुंचने पर 84 कोसी परिक्रमा में सम्मिलित साधु सन्तों और भक्त जनों का स्थानीय नागरिकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
आज यहां यह जानकारी देते हुए सूत्रों ने बताया है कि बस्ती जिले की सीमा पर स्थित सरयू नदी के सेरवाघाट पहुंचने पर परिक्रमा पर सम्मिलित साधु संतों और भक्तजनों का स्थानीय नागरिकों द्वारा फूल-माला पहनाकर स्वागत किया गया।
नाव द्वारा सरयू नदी पार करके परिक्रमा कर रहे लोग अम्बेडकर नगर जिले में स्थित श्रृंगी आश्रम में पहुंच कर विश्राम करेंगे। इस सम्बन्ध में 84 कोसी परिक्रमा का नेतृत्व कर रहे अयोध्या के महन्थ गयादास ने बताया है कि प्रत्येक वर्ष निकलने वाली 84 कोसी परिक्रमा बस्ती जिले के मखौडा धाम से शुरू होकर अम्बेडकर नगर, फैजाबाद , बाराबंकी और गोण्डा जिले के भगवान श्री राम से जुडे स्थलों से होते हुए 5 मई 2017 शुक्रवार को वापस मखौडा आकर समाप्त होगी।
श्री गयादास ने बताया है कि 84 कोसी परिक्रमा करने से मनुष्य को 84 लाख योनियों के जन्म से छुटकारा मिल जाती है। ज्ञातव्य हो कि अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए मखौड़ा में मनोरमा नदी के पवित्र तट पर श्रृंगीऋषि के देख-रेख में पुत्रेष्ठ यज्ञ करवाया था, इस यज्ञ के पूरा होने के बाद उन्हें चार पुत्रों की भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुधन की प्राप्ति हुई थी। तभी से मखौड़ा धाम में प्रत्येक वर्ष मेला लगता है और चैरासी कोसी परिक्रमा का शुभारम्भ और समापन दोनों की मखौड़ा धाम में होता है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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