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बांसी सिद्धार्थनगर राष्ट्रीय राज मार्ग का निर्माण कार्य बंद है

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
सिद्धार्थनगर 28 मार्च, एनएच 233 सड़क मार्ग पर पिछले कई दिनो से काम ठप है। समूची सड़क सतह पर धूल और छरिया गिट्टिया पसरी हुई है। हवा और तेज गति से आती जाती दौड़ती हुई गाडियो से धूल के गुब्बारे उड रहे है। जिससे राहगीर काफी परेशान व हैरान हो रहे है।
सड़क पर उड़ती धूल की आंधी से लोक चकरा जा रहे है। नये सिरे से सड़क पर बिछायी गयी गिट्टियां और डाली गयी मिट्टी वाहनो के दबाव से उखड़ कर बिखरी पडी हुई है। जिससे वाहन चालको सहित पैदल व राहगीर साईकिल सवारो को काफी दिक्कते उठानी पड रही है। पहले सड़क और पटरियों के ऊपर पानी की बौछार करने से धूल नमी के कारण नही उड़ते थे। मगर इधर सड़क का पानी की बौछार भी नही किया जा रहा है। जिससे रात दिन धूल उडते-रहते है। परिणाम स्वरूप धूल गर्दे के फैले और उठ रहे गुब्बार से सड़क पर अंधेरा छा जाता है। सड़क से उठ रहे धूल मिट्टी के कण लोगो के आंखो और जिगर के अन्दर तक प्रवेश कर जाती है। चेहरो पर धूल के परते जम जाती है। उड़ती धूल गर्दा से लोगो को सांस लेने में भी दिक्कते उठानी पडती है। तेज गति से दौडती वाहनो के दबाव से उठने वाली हवा के झोको के साथ धूल गर्दे सडक पर धुध छा जा रहे है। ऊपर से सड़क के ऊपर बिखरी छोटी बडी गिट्टीयां लोगो के लिए परेशानी का सबब बन गयीी है।
सड़क निर्माण के कार्य काफी वर्षो तक खींचने के आसार है। ऐसी स्थिति में एक लम्बे समय तक राहगीरो को कठिनाइयो का सामना करना होगा। बहरहाल सडक पर उठ रहे धूल के गुब्बारे राहगीर फाक रहे है। सड़क पर चलना मुश्किल है लोग दुर्घटनाओ के शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे है। निर्माण कार्य से जुडे कार्यदायी संस्था का कोई अता पता नही है। आधे अधूरे निर्माण कार्य को अधर में लटकाकर कार्यदायी संस्था गदहे की सींग की तरह गायब है।
जिला प्रशासन भी कार्यदायी संस्था के कार्य प्रणाली एवं उनके गतिविधियो से अवगत होना मुनासिब नही समझ रहा है। और न ही कार्यदायी संस्था पर अंकुश व नकेल लगाना उचित मानता है। जिला प्रशासन की शिथिलता के चलते ही निर्माण कार्य से जुडे कार्यदायी संस्था के मनमानी का आलम यह है कि निर्माण कार्य के शुरू हुए दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद भी सड़क निर्माण का कार्य एक अंश भी पूरा नही हुआ है। सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण होने में मितना समय लगेगा यह बात बताने में कार्यदायी संस्था और जिला प्रशासन भी दायें बाये झांक रहे है।
लोगो ने जिला प्रशासन व सम्बन्धित विभाग से सड़क पर पानी छिडकने की मांग की है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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