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प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक न होने से परेशानी

श्रवण पटवा/अभिषेक श्रीवास्तव
विचारपरक सवाददाता
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर) 8 मार्च, उस समय अहिरौला में बनाये जा रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के बारे में लोगों को ऐसा लगा था कि अब उन्हे स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, करीब में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण हो रहा है। गैरजिम्मेदार अधिकारियों की बदौलत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र निर्माण होने के बाद भी चिकित्सक बिना सुविधाए नहीं मिली पा रही है।
ज्ञातब्य हो कि बढ़नी विकास क्षेत्र के तुलसियापुर चैराहे से सटे अहिरौला गांव में लगभग चार वर्ष पूर्व बना प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बना था, चिकित्सक की नियुक्ति न होने के कारण हजारों क्षेत्रवासियों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं दे पाने में पूर्ण रुप असफल साबित हो रहा है।
जानकारों की माने तो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनने पर क्षेत्र के अहिरौला, औदही, खैरहनिया, तुलसियापुर, मनिकौरा, चरिहवा, भुतहिया, भुतहवा, केवटलिया, जलापुरवा, पचऊध, गड़रखा, मानपुर, रेड़वरिया, झिंगहा, मदरहिया, बसन्तपुर, खरिकौरा एवं खादर क्षेत्र के गांवों के कई हजार लोगों को विश्वास हो गया कि अब उन्हें इलाज के लिए बढ़नी, शोहरतगढ़ और जिला मुख्यालय नहीं जाना होगा और उन्हे आकस्मिक परिस्थिति में झोलाछापों से भी मुक्ति मिल जायेगी।
परन्तु अभी तक किसी चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण क्षेत्रीय लोगों को आशाओं पर पानी फिर गया है। पहले यह अस्पताल कई वर्षों से भुतहिया में एक प्राइवेट भवन में संचालित हो रहा था। जमीन मिलने पर करोड़ों रुपये की लागत से इसे स्वास्थ्य विभाग ने अहिरौला में बनवाया। यहां पर केवल एक फार्मेसिस्ट की तैनाती है जो कि अपने कुछ प्राइवेट सहयोगियों के साथ चिकित्सा कार्य कर रहा है, परन्तु इनके रात न रुकने के कारण आकस्मिक मरीजों को मजबूर होकर झोला छापों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जब उक्त बात की पड़ताल की गयी तो क्षेत्र के रहने वाले लोगो ने बताया कि आहिरौला निवासी रवि मिश्रा, हिन्दु युवा वाहिनी के ब्लाक अध्यक्ष विजय सिंह चैधरी, मो0 सफात, रामानन्द चैहान, आशुतोष शुक्ल, नन्दकिशोर चैधरी, तुलसीराम, शैलेन्द्र पाण्डेय, आशाराम आदि ने मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री, जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी से अविलम्ब चिकित्सालय पर चिकित्सक व अन्य स्टाफ की तैनाती की मांग किया है, जिससे हजारों क्षेत्रवासियों को आकस्मिक व प्राथमिक दोनों स्वास्थ्य सेवाओं के लिए झोलाछाप व दूर के अस्पतालों का सहारा न लेना पड़े।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों की नजर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, अहिरौला पर कब पड़ती है ? उक्त के सम्बन्ध में जब सीएमओ सिद्धार्थनगर से बात की गयी तो उन्होने कहा कि पूरे जनपद में चिकित्सकों की कमी है। जहां चिकित्सक नहीं है, वहां फर्माशिष्ट से सेवा ली जा रही है। जरूरत के अनुसार मरीजों को नजदीक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बढ़नी और शोहरतगढ़ रेफर कर दिया जाता है। हालाकि शासन द्वारा जैसे ही चिकित्सकों की नियुक्ति होती है, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर उनकी नियुक्ति जन्द की जायेगी।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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