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पाठ्यक्रम को लेकर छात्र परेशान

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
सिद्धार्थनगर 17 मार्च, विश्वविद्यालय के कारनामे से समाज शास्त्र एमए अन्तिम वर्ष के सैकडो परीक्षार्थी संशय की स्थिति मे है। विश्वविद्यालय की ओर से जो परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया है। उसमे प्रथम प्रश्न पत्र पाठ्यक्रम के बाहर से रख दिया गया है। पहला प्रश्न पत्र अनिवार्य रहता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि थोड़ा बदलाव करते हुए किसी भी प्रश्न पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय की स्थापना के समय राज्यपाल/कुलपति की ओर से आदेश दिया गया था कि विश्वविद्यालय का अपना पाठ्यक्रम लागू होने तक गोरखपुर विश्वविद्यालय का ही पाठ्यक्रम यहां चलेगा। पिछले दिनो बोर्ड आफ स्टडी की हुई बैठको मे भी यही तय हुआ था। विश्वविद्यालय की ओर से वर्ष 2017 के लिए जो परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया है।
उसमे 7 अप्रैल को होने वाले समाजशास्त्र अन्तिम वर्ष के पहले प्रश्न पत्र के तौर पर जेण्डर एण्ड सोसाइटी लिखा हुआ है। जबकि छात्रो को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार अनिवार्य प्रश्न पत्र के तौर पर पहले प्रश्न पत्र के रूप मे एडवांस कोर्स इन सोशियालोजिकल थियरी पढ़ाया गया है। शिक्षको व छात्रों का कहना है कि उन्होने जेण्डर एण्ड सोसाईटी पढा ही नही है।
यह पिछले कोर्स से अतिरिक्त प्रश्न पत्र है। परीक्षा कार्यक्रम के दौरान अचानक किए गए इस बदलाव ने छात्रो व शिक्षको मे खलबली मचा दी है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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