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पशु क्रूरता अधिनियम का उल्लघन करने वाले दण्डित होंगे-रमाकान्त पाण्डेय

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
संतकबीरनगर 31 मार्च, पशु क्रूरता अधिनियम का पालन न कराये जाने वाले लोगो के खिलाफ सीधे एफ0आई0आर0 होगा और अगर किसी व्यक्ति को किसी व्यक्ति द्वारा पशु क्रूरता अधिनियम का उल्लघन करते हुए देखा जाए तो तुरन्त उसकी सूचना 100 नम्बर पर दे सम्बंधित दोषी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। यह निर्देश जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सोसाइटि फार प्रिवेन्शन आफ क्रूयेल्टी टू एनिमल बैठक अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को दिये। बैठक में जिलाधिकारी श्री पाण्डेय ने कहा कि समाज को थोड़ा पशुओं के प्रति जागरूक होना पडेगा, जब समाज में स्वस्थ्य शरीर के जानवर रहेगें तो उनमें दूध की मात्रा भी बढ़ेगी और समाज भी खुशहार होगा। जब पशुओं को स्वतंत्र रखेगें तो वे अपने समाज में खुश रहेगें, इससे पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का पालन भी होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में 18 पशु चिकित्सालय तथा 19 पशु सेवा केन्द्र है। इन पर प्रशिक्षित डाक्टरो की तैनाती की गई है। जनपद के पशुपालक इन केन्द्रों पर ही पशुओ की दवा करावे। अप्रशिक्षित डाक्टरों से पशुओं का इलाज कराना भी पशु क्रूरता अधिनियम में आता है।
जिलाधिकारी ने पशु कू्ररता अधिनियम में आने वाले अन्य विन्दुओं को बताते हुए कहा कि आक्सीटोशिन इन्जेक्शन का प्रयोग भी प्रतिबंधित है। जिलाधिकारी ने कहा कि पशुओं मारना पीटना, एक सीमा से अधिक भार लादना, पशुओं एक जगह से दूसरें जगह ले जाते समय न्यूनतम जगह होनी चाहिए, थोडी-2 देर बाद जानवरों को लेजाते समाय बैठने का अवसर देना चाहिए, मेलों में आयोजित सर्कश में कू्ररता पूर्वक व्यवहार करना, बछड़ों को दूध ने पीलाना, एक जानवर कट रहा है तो उसे दूसरा जानवर देखना नही चाहिए, इत्यादि ऐसे नियम है।
जिन्हें पशु क्रूरता अधिनियम के अन्तर्गत माना गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि उपरोक्त नियमों का उल्लघन करने वाले लोगों को पशुओं के साथ गया भाव अपनाना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। जिसमें उपाध्यक्ष पुलिस अधीक्षक, सचिव मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रभागाीय वन अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, एवं अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका एवं नगर परिषद है। जिलाधिकारी ने बताया कि इसके लिए जन सामान्य को जागरूक होना पडे़गा। जिससे जनपद में पशु कू्ररता अधिनियम का प्रचार प्रसार हो सकें और लोग पशुओं से प्रेम कर सकें।
जिलाधिकारी श्री पाण्डेय ने बताया कि पशु परिवहन के समय गाय व भैसों के लिए दो वर्ग मीटर घोड़ा के लिए ढाई वर्ग मीटर, भेड़ व बकरी के लिए 0.30 बर्ग मी0 सुअर के लिए 0.6 वर्ग मी0 कुक्कुट के लिए 40 बर्ग सेमी0 का जगह होना आवश्यक है। इसी तरह पशुओं को ले जाते समय पैदल के लिए गाय एक दिन में 30 किमी0, भैस 25 किमी0 बछड़े 16 किमी0, बकरी व भेड़ 16 किमी0 घोड़े व टट्टू 45 किमी0, ही चलाया जा सकेगा। इसी प्रकार इनके प्रति घण्टा चाल भी निर्धारित है। जिसमें गाय 4 किमी0 प्रति घण्टा, भैस 3 किमी0 प्रति घण्टा, बछडे 2.5 किमी0 प्रति घण्टा, घोडे़ व टट्टू 6 किमी0 प्रति घण्टा, भेड़ व बकरी 4 किमी0 प्रति घण्टा के चाल से चलाये जाएगे तथा उन्हें समय समय पर यात्रा के दौरान पानी भोजन व आराम की व्यवस्था भी कराया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने पशु क्रूरता अधिनियम की प्रचार प्रसार के लिए किसानों में गोष्ठी तथा विद्यालयो में भी प्रचार प्रसार कराये जाने के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दियें। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक हीरा लाल ने बताया कि जनपद में पशुओं के अवैध व्यापार के लिए बखिरा, दुधारा, तथा आंसिक रूप से धनघटा व मेंहदावल में भी अवैध व्यापार होता है। इसके लिए जनपद की पुलिस को सतर्क कर दिया गया है कि अवैध रूप से पशुओं के हो रहे कटान के पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कराया जाए जो बैध रूप से लाईसेन्स के साथ पशुओं के मांसो व्यापार कर रहे उनके उपर यह नियम लागू नही होगा। जनपद में पकड़े गये जानवरों को मधवलिया, जनपद महाराजगंज में भेजने की व्यवस्था है।
हालाकि जनपद में 4 गौशालायें है लेकिन अभी उसमें लाईसेन्स नही मिला हैै। प्रक्रिया चल रही है।
इन्हें लाईसेन्स मिलते ही वहा भी अवैध पशुओें के रखने केे लिए व्यवस्था की जाएगी। इस बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी श्री लाल जी यादव, मुख्य पशुधन चिकित्साधिकारी डा0 टी0पी0 मिश्र, उप जिलाधिकारी धनघटा सुश्री कृतिका ज्योत्सना, उपजिलाधिकारी मेंहदावल राहुल पाण्डेय, उपजिलाधिकारी खलीलाबाद उमेश चन्द्र निगम, अपर जिला सूचना अधिकारी लाल जी शुक्ल, इ0ओ0 खलीलाबाद उमाकान्त मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा, सहित सभी नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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