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नशा सेवन से मनुष्य के जीवन को खतरा

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
संतकबीरनगर 8 मार्च, राजकीय तम्बाकू नियन्त्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में जिला तम्बाकू नियन्त्रण प्रकोष्ठ के अन्तर्गत एक गोष्ठी का आयोजन किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव ने किया इस अवसर पर उपस्थित चिकित्साधिकारियो ने अपने-अपने विचार रखके निषेधपान से होने वाली गम्भीर बीमारियो के विषय में जानकारी दी तथा कानून के द्वारा किये गये प्रतिबन्धित के विषय में भी बताया गया। गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियो स्वास्थ्य कर्मियो एवं समाजसेवियो के सीएमओ द्वारा संकल्प दिलाया गया कि वे तम्बाकू सेवन, निषेधपान को त्याग करे।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि मनुष्य कुछ ऐसी चीजो का आदत अपने जीवन में बना लेता है जो छोड़ना मुश्किल होता है लेकिन वह उसके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है ऐसी परिस्थितियो में जब व्यक्ति गम्भीर बीमारी से जूझता है तो उस समय वह यही विचार करता है कि जीवन में बनाये गये गलत आदतो को यदि समय से छोड़ दिया होता तो आज यह दिन नही देखने पड़ते इस बातो को ध्यान में रखते हुए गोष्ठी के माध्यम से सभी को जागरूक होते हुए जनहित में सभी को यह संदेश पहुचाना होगा कि मनुष्य के स्वस्थ्य जीवन के लिए एक पोष्टिक आहार के अलावा पर्यावरण सहित अन्य स्वास्थ्य हित की चीजे है जिसका प्रयोग व्यक्ति कर सकता है लेकिन यदि अपने खान-पान के आदत में गलत चीजो जैसे शराब, तम्बाकू, सीगरेट, पान का लत बनायेगा तो धीरे-धीरे ऐसे नशीली चीजे शरीर को दुख पहुचाने व व्यक्ति को बीमार बना देगी।
सीएमओ डा0 ए0पी0 श्रीवास्तव ने कहा कि किसी चीज का ज्यादा प्रयोग करने से घातक है ऐसी स्थिति में ऐसे नशीले पदार्थो का सेवन ही न किया जाये तो मनुष्य का जीवन स्वस्थ्य एवं सुरक्षित रहेगा। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 कपिलमुनि मिश्रा ने बताया कि तम्बाकू जानलेवा है और इसके लिए सरकार ने कानून के तहत अर्थदण्ड अथवा कारावास का कानून बनाया है धु्रमपान छोडने से रक्तचाप एवं हृदय की गति सामान्य हो जाती है जहरीली गैस शरीर से बाहर निकल जाती है सांस लेना आसान हो जाता है , रक्त संचार ठीक हो जाता है, फेफड़े दस प्रतिशत से अधिक क्षमता कार्य करने लगते है, हार्टअटैक व लकवा बीमारी होने की सम्भावना कम होती है सहित कई अन्य गम्भीर बीमारिया जो धु्रमपान व तम्बाकू सेवन नही करने से व्यक्ति का जीवन सुरक्षित हो सकता है।
उन्होने कहा कि प्रत्येक वर्ष तम्बाकू सेवन से विश्व में लगभग 60 लाख लोगो की मृत्यु होती है सिगरेट पीने वालो में लगभग अधिकांश मौत की सूचनाए प्राप्त होती है तम्बाकू खाने से एड्स, मलेरिया, टीवी जैसी घातक बीमारी होती है कैसर भी होता है। किशोरावस्था में तम्बाकू के सेवन से नंपुसकता की बीमारी होती है सहित अन्य बीमारी तम्बाकू सेवन व धु्रमपान से होता है इसलिए तम्बाकू सेवन व धु्रमपान को त्याग करे और अपना जीवन सुरक्षित करे। गोष्ठी को वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डा0 आलोक सिन्हा ने सम्बोधित किया इस अवसर पर डा0 एस0आर0 रहमान, मृत्युजंय गुप्ता, गुलेन्द्र यादव, राजकुमार, सहित चिकित्साधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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