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नन्दौर-बांसी मार्ग गड्ढो में तब्दील

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
संतकबीरनगर 17 फरवरी, प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री प्रदेश की सड़को को जून 2017 माह में ही गड्ढा मुक्त करने का एलान किया था पर जमीनी हकीकत में गड्ढो को भरने की जिम्मेदारी निभाने वाली पीडब्लूडी विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है। हालात यह है कि मेंहदावल क्षेत्र की तमाम सड़के आज भी गड्ढा मुक्त होने का इंतजार कर रहे है। ऐसे में प्रदेश सरकार का गड्ढा मुक्त सड़क का सपना साकार नही हो पा रहा है। मेंहदावल तहसील क्षेत्र में सड़के बदहाल है गड्ढो में तब्दील इन मार्गो पर यात्रा करना दुर्गम है। प्रदेश सरकार 15 जून 2017 तक सड़को को गड्ढा मुक्त करने का वादा तो कर दिया पर धरातल पर यह वादा खोखला साबित हो रहा है।
बस्ती तमकुही राष्ट्रीय मार्ग जो बीएमसीटी मार्ग के नाम से जाना जाता है और मेंहदावल तहसील क्षेत्र से होकर गोरखपुर जनपद को जोड़ता है। उसकी हालत और सड़को के बीच में बने गडढे विभागीय लापरवाही का प्रमुख उदाहरण है। पेट्रोल पम्प तिराहे से करमैनी घाट तक सड़क में दो से तीन फीट के गड्ढे अब तक नही भरे गये है। वही नन्दौर चैराहे से बांसी मार्ग व मेंहदावल क्षेत्र के बीमापार चैराहे से बौरव्यास मार्ग, सोनौरा बाईपास से विसौवा मार्ग, मुडली से भरथुआ, नौगो से बनकसिया बीएमसीटी मार्ग तक पंडित पुरवा से सरफरा मार्ग आदि पीच रोड़ व प्रधानमंत्री मार्ग की हालत देख कर प्रदेश सरकार द्वारा किये गये वादो पर पीडब्लूडी विभाग कितना खरा उतर पाया है इसकी जमीनी हकीकत इन मार्गो पर प्रतिदिन यात्रा करने वाले क्षेत्रीय लोग बखुबी जान रहे है। क्षेत्रीय निवासी अनिल यादव, पप्पू मौर्या, रामप्रकाश मिश्रा, बबलू शुक्ला, नीरज , प्रभुदयाल अग्रहरी, आदि का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद भी इस क्षेत्र की सड़के गड्ढा मुक्त होने के लिए तरस रही है इन मार्गो पर आवागमन करना जान जोखिम में डालना है पीडब्लूडी विभाग अब तक गड्ढा मुक्त सड़को के सपनो को साकार करने में नाकाम दिखाई दे रहा है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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