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दैत्यो का संसार करने को भगवान लेते है अवतार-स्वरूपानन्द

दैत्यो का संसार करने को भ__गवान लेते है अवतार-स्वरूपानन्द

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
बस्ती 21 अप्रैल, जिले के त्रिगुनौता गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पीठ से श्री स्वरूपानन्द महाराज ने कहा है कि जब-जब धरती पर अत्याचार और अधर्म बढता है तब-तब पापियों और दैत्यो का संहार करने क¢ लिए बिष्णु गवान किसी न किसी रूप में अवतार लेते है और धरती को पापियों से मुक्त कराते है। अयोध्या क¢ कथा वाचक स्वरूपानन्द महराज ने उक्त बाते कही।
कथा क¢ पांचवे दिन श्रद्धालुओं को संगीतमयी कथा में कृष्ण जन्मोत्सव की कथा का रसपान करा रहे थे। उन्होने कहा कि गवान धर्म एंव क्तो की रक्षा क¢ लिए कई बार धरती पर अवतार ले चुक¢ है। उन्होने कहा कि मनुष्य को कभी भी अन्याय और अत्याचार नही करना चाहिए और न ही उन्हे घमण्ड़ करना चाहिए क्योकि घमण्ड़ और अत्याचार ही ईश्वर का आहार है।
पृथ्वी पर चारो तरफ कंस का अत्याचार इस कदर फैल गया कि जनता त्राहि-त्राहि करने लगी। कंस ने धार्मिक अनुष्ठानो पर पूरी तरह रोक लगा दिया। धर्म का पतन होता देख देवता घबडाने लगे। कथा को विस्तार देते हुए श्री स्वरूपानन्द ने कहा कि पृथ्वी कंस के अत्याचार को सहन करने में असमर्थता जाहिर करते हुए गवान बिष्णु क¢ समीप पहंुचकर अपना दुखड़ा सुनाया। गवान ने पृथ्वी पर अवतार लेकर कंस का विनाश कर पृथ्वी को पापियों से मुक्त कराने का आश्वासन दिया। गवान क¢ वरदान क¢ अनुसार देवकी और वसुदेव का विवाह हुआ।
विवाहोपरान्त कंस अपनी चचेरी बन देवकी को रथ पर बैठाकर विदा करने क¢ लिए जा रहा था नगर क¢ बाहर निकलते ही आकाशवाणी हुई कि हे कंस जिस देवकी को तू इतने अरमान क¢ साथ विदा कर रहा है उसी का आठवंा लाल तेरा काल होगा। इतना सुनते ही कंस ने हाथ में तलवार लेकर उसे मारने क¢ लिए दौड पड़ा। वसुदेव ने किसी तरह समझा-बुझाकर से शान्त कराया और पैदा होने वाले सभी बच्चो को से सौपने की शपथ ली। एक-एक कर कंस से देवकी-वसुदेव क¢ सभी संतानो का वध कर दिया। आठवे गर्भ में भगवान बिष्णु का प्रार्दुभाव हुआ। गवान क¢ जन्म लेते ही देवकी-वसुदेव क¢ हाथ और पांव क¢ बेडि़या कट गयी, पहरेदार सो गये।
कृष्ण जन्म होते ही चारो तरफ जयघोष होने लगा। देर रात तक श्रद्धालु सोहर आदि मांगलिक गीतो पर थिरकते रहे। कथा में यजमान राजाराम मिश्र, कृष्णावती मिश्रा, आयोजक अरूण कुमार मिश्र, अनन्त राम मिश्र, बिनीत मिश्र, रजनीश मिश्र, शशिकान्त मिश्र, शिव प्रसाद मिश्र, राज कुमार मिश्र, राधेश्याम मिश्र, प्रभाकर ओझा, उमाकान्त त्रिपाठी, सूर्यकान्त त्रिपाठी, प्रधान प्रतिनिधि अनुपम सिहं ‘रन्ना’, प्रवेश सिंह ‘बिट्टू’,अम्बेश मिश्र, रामगोपाल मिश्र, रामेश्वर त्रिपाठी, छोटू मिश्र, अमन मिश्र सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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