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डॉक्टर भास्कर शर्मा अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सेमिनार में शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर) 18 अप्रैल, अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय पूना,महाराष्ट्र के तत्वाधान में 23 अप्रैल को पुणे महाराष्ट्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सेमिनार में डॉक्टर भास्कर शर्मा अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे । इस सेमिनार में 600 से अधिक चिकित्सक, छात्र ,शोधकर्ता एवं वैज्ञानिकों का जमावड़ा होगा।
सेमिनार में पूर्वांचल के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक एवं हनीमैन होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज यू.के. लंदन के पोस्ट ग्रेजुएट होम्योपैथिक कोर्सेज के शोध गाइड व कई विश्व रिकॉर्ड प्राप्त कर चुके डॉक्टर भास्कर शर्मा द रोल ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन फॉर क्रोनिक गैस्ट्राइटिस विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
सेमिनार में शामिल होने वाले उत्तर प्रदेश के इकलौते होम्योपैथिक चिकित्सक डॉक्टर भास्कर शर्मा है जिन्होंने इस शोध पत्र में पुराने समय से अत्यधिक गैस का बनना, रोगी को वमन के कारण दांत खट्टे होना, वक्ष में जलन होना, खट्टी डकारे आना, अधिक बायु होने के कारण धांय धांय की आवाज होना, आंतों में आग के जैसा जलन होना, पेट का गुड़गुड़ाना, पेट से मुख तक का जलन होना, रोगी को कुछ भी हजम ना होना, रोगी को कंठ में गोला अटका होने का अनुभव होना, बीच-बीच में रोगी को एसिड के कारण यंत्रणादायक का होना ,आदि लक्षणों में होम्योपैथी की फेरम टार्टरिक, एसिड लैक्टिक ,हैडेओमा, लिथियम कार्ब,आदि होम्योपैथिक औषधियों को कारगर बताया गया है।
डॉ भास्कर ने आगे यह भी बताया कि इस शोध पत्र को 2993 पुरुष और 2013 महिलाओं सहित 5006 मरीजों पर परीक्षण कर तैयार किया गया है तथा यह शोधपत्र 9 वर्ष 6 दिन में बनकर तैयार किया गया है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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