आज की ताजा खबर

डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र मे भाजपा, बसपा, कांग्रेस के बीच त्रिकोणात्मक लड़ाई

अलोक कुमार श्रीवास्तव
विचारपरक संवाददाता
सिद्धार्थनगर 10 मई, भारतीय जनता पार्टी के नेता जगदंबिका पाल उत्तर प्रदेश की डुमरियागंज संसदीय सीट से लगातार तीसरी बार जीत की हैट्रिक लगाने के लिए किस्मत आजमा रहे हैं जहां उन्हें कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार डॉक्टर चंद्रेश उपाध्याय और महा गठबंधन के उम्मीदवार आफताब आलम से कड़ी टक्कर मिल रही है.नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगी सिद्धार्थ नगर जिले की डुमरियागंज संसदीय सीट पर श्री पाल लगातार चैथी बार चुनाव मैदान में हैं. इस सीट पर पहली बार कांग्रेस पार्टी के टिकट पर 2004 में चुनाव मैदान में उतरे श्रीपाल को बहुजन समाज पार्टी के मोहम्मद मुकीम से हार का मुंह देखना पड़ा था पर 2009 के आम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस टिकट पर ही दुबारा चुनाव मैदान में उतर कर कड़े मुकाबले में जीत दर्ज हासिल कर ली।
लोकसभा के पिछले आम चुनाव से पहले श्रीपाल भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और प्रदेश में चल रही मोदी लहर से आसानी से दोबारा लोकसभा में पहुंच गए.
श्रीपाल मौजूदा चुनाव में इस संसदीय सीट से लगातार तीसरी बार संसद में पहुंचने के लिए अपनी किस्मत आजमाने में लगे हैं जहां उनका मुकाबला कांग्रेस के डॉक्टर चंद्रेश उपाध्याय और बहुजन समाज पार्टी के आफताब आलम समेत 10 अन्य उम्मीदवारों से है.मौजूदा चुनाव के शुरुआती दौर में इस संसदीय सीट पर श्रीपाल और महागठबंधन के बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार आफताब आलम के बीच सीधी टक्कर की उम्मीद की जा रही थी पर नामांकन के आखिरी क्षणों में कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी से टिकट के दावेदार रहे पार्टी नेता डॉक्टर चंद्रेश उपाध्याय को चुनाव मैदान में उतारकर मुकाबले को काफी रोचक बना दिया है.
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार जगदंबिका पाल जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कराए गए विकास के काम राष्ट्रवाद के नाम पर मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं वहीं महा गठबंधन के उम्मीदवार आफताब आलम मुस्लिम, दलित और पिछड़ी जाति के मतों के गठजोड़ के सहारे चुनावी नैया पार लगाने में जुटे हैं जबकि कांग्रेस के डॉक्टर चंद्रेश उपाध्याय भारतीय जनता पार्टी के ब्राह्मण और महागठबंधन के अल्पसंख्यक मतों में सेंध लगा रहे हैं.
पूरे संसदीय इलाके में सभी उम्मीदवारों का चुनाव प्रचार चरम पर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्य नाथ सहित कई प्रांतीय और केन्द्रीय मंत्री भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार श्रीपाल और बसपा सुप्रीमो मायावती सपा प्रमुख अखिलेश यादव पार्टी उम्मीदवार आफताब आलम के समर्थन में चुनावी रैलियां कर चुके है जबकि कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की डॉक्टर चंद्रेश उपाध्याय के समर्थन में चुनावी रैली हो चुकी है।
चुनाव प्रचार में स्थानीय मुद्दे बाढ़, खराब सड़के, चिकित्सालयो की बदहाली, बेरोजगारी, कल-कारखानो की कमी पूरी तरह गायब है जबकि जातिवाद और धर्म के मुद्दे के ही प्रभावी नजर आने से चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों द्वारा मतदाताओं को रिझाने के लिए हर हथकंडे अपनाए जाने के बाद भी उनकी खामोशी से उम्मीदवार और समर्थक बेचैन है. मुस्लिम बहुल इस सीट पर महा गठबंधन के उम्मीदवार आफताब आलम मुस्लिम मतों का बिखराव रोकने के लिए खासे परेशान हैं पर उन्हें कामयाबी नहीं मिल पा रही है।
यहां स्थित विश्व प्रसिद्ध गौतम बुद्ध की जन्मस्थली कपिलवस्तु जहां सूनी पड़ी है वहीं काला नमक चावल की खेती भी दम तोड़ तोड़़ रही है। डुमरियागंज संसदीय सीट के गठन के बाद इस सीट पर आजादी के बाद हुए अब तक हुए 16 आम चुनाव में सात बार कांग्रेस पार्टी , 6 बार भारतीय जनता पार्टी, दो बार समाजवादी पार्टी और एक बार बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार जीत हासिल कर चुके हैं। तमाम चुनावी अटकलों के बाद भी इस बात का खुलासा 23 मई के बाद ही हो सकेगा की इस संसदीय सीट के मतदाता इस बार किसके शिर पर जीत का ताज बाधेंगे।

About The Author

अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enter the text from the image below