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जिला पूर्ति विभाग गरीबो के हक पर डाल रही है डाका, शासन स्तर पर होगी जांच

(विचार परक प्रतिनिधि द्वारा)
संतकबीरनगर 14 दिसम्बर, आमतौर पर जनहित के मामलो पर जनता के लिए लड़ाई का दम्भ भरने वाले जनप्रतिनिधियो का ध्यानाकर्षण अपने इस लेख के माध्यम से करना चाहता हूँ जिनके मन में समाज और गरीबो के प्रति कुछ कर दिखाने का जज्बा हो । धर्म, मजहब और जातीय आधार पर अटका भारतीय राजनीति और नेताओ के उन दावों पर मेरा यह लेख एक करारा प्रहार साबित होगा जो नेता ये दावा करते है कि वो जनता की सेवा करना चाहते है ।
सुलगती कलम का दर्द मैंने कई मर्तबा शोशल मिडिया के अतिरिक्त पारम्परिक इलेक्ट्रानिक मिडिया के जरिये हमेशा उठाया है, कोशिस भी मेरी यही रहती है कि मेरे लेख खबरों से आम जन को लाभ भी पहुँचे पर भ्रष्ठ हो चुके प्रशासनिक सिस्टम से लड़ना इतना आसान नही जितना एक पत्रकार होने के नाते स्वयं से रखता हूँ । भ्रष्टाचार के खिलाफ जनप्रतिनिधि भी खुलकर मैदान में आये इस नाते आज जिला आपूर्ति विभाग के एक और कारनामे की तरफ पाठको जनप्रतिनिधियो का ध्यान आकर्षण कराना चाहता हूँ । मामला गरीबो के उस वाजिब हक का है जिसपर जिला आपूर्ति विभाग डाका डालना चाहता है, अगर जिला आपूर्ति विभाग अपने सुनियोजित डाके को सफल कर ले जाता है तब एक दो ही नही बल्कि लाखो गरीबो के हक मारा जाएगा ।
बात मेंहदावल तहसील क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में आवंटित होने वाले अक्टूबर माह के केरोसिन से जुड़ा हुआ है जो आज तक नही बंट पाया , इसी तेल पर कुंडली मारकर बैठा है जिला आपूर्ति विभाग जिसको ठिकाने लगाने के लिए क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक मीरा राय और पूरा सिस्टम लगा हुआ है ।
आइये आपको आगे बताते चले कि ये केरोसिन तेल जो मेंहदावल के ग्रामीण क्षेत्रो के लिए वितरित होने को था वो अब तक बंटा क्यों नही, कहाँ है वितरित होने वाला 1 लाख 7 हजार 9 सौ लीटर मिट्टी का तेल जिसपर सुनियोजित डाका डाल मालामाल होने की फिराक में है जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारी और कर्मचारी । मेंहदावल स्थित आर डी सैनिक तेल डिपो के निलंबन के पहले निलंबित डिपो के तरफ से बीते 8 अक्टूबर को मेंहदावल के ग्रामीण क्षेत्रो हेतू कोटेदारो में कुल 36 सौ लीटर मिट्टी के तेल का आवंटन कर दिया गया था, जिसके बाद शासन द्वारा जिले के लिए आवंटित कुल मिट्टी के तेल आवंटन की राशि 29ः तेल घटा दिया गया था जिसके बाद बीते 21 अक्टूबर 2016 को निलंबित डिपो द्वारा देहात क्षेत्र के लिए कुल 51 हजार 500 लीटर का गोंडा आई ओ सी से उठान किया गया जिसका कोटेदारो में वितरण होना ही था कि आर डी सैनिक तेल डिपो का कोटा निलंबित हो गया जिसके कारण आर डी सैनिक तेल डिपो पर देहात क्षेत्र के कोटेदारो में बटने वाला लगभग 51 हजार 900 लीटर मिट्टी के तेल का वितरण अभी हो ही नही सका था कि विभागीय मेहरबानी से खलीलाबाद स्थित आर के बी के फर्म को मेंहदावल देहात क्षेत्र के आवंटन के रूप में गोंडा आई ओ सी से 56 हजार 500 ली० तेल का उठान करवाया गया जिसको मिलाकर कुल 1 लाख 7 हजार 9 सौ लीटर देहात क्षेत्र के लिए आवंटित होने वाला अक्टूबर माह का केरोसिन अब तक नही बंट पाया है । लाखो कीमत का यह तेल अब तक ग्रामीणों में क्यों नही बंट पाया इसका जबाब देने में जिला आपूर्ति विभाग मुँह छिपा रहा है ।
अक्टूबर 2016 का बचे हुए मेंहदावल देहात क्षेत्र का केरोसिन विभाग के लिए किसी नागमणि से कम नही, इस बचे हुए तेल को रातो रात ठिकाने लगाकर मालामाल होने की फिराक में जुटे विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को गरीब जरूरतमंद कार्ड धारको की जरा भी चिंता नही, गरीब तो धीरे धीरे भूल जाएगा अपने अक्टूबर माह के तेल के बारे में, बचे हुए तेल की कालाबाजारी कर विभाग और उसके अधिकारी नोटबन्दी के दौर में उससे मिलने वाले धन से मजे उड़ाने की तैयारी में है । दुर्भाग्य कहे या भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा जिसपर न तो डी एम साहब की ही नजर पड़ रही है और न ही मेंहदावल विधान सभा क्षेत्र से रहनुमाई करने वाले पूर्व खाद्य रसद राज्यमंत्री मौजूदा विधायक लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की, बाकी जनप्रतिनिधि गरीबो के हक की बात तो अपने भाषणों में करते नजर आते है पर हकीकत में उनके पास गरीबो के हक की लड़ाई के लिए समय ही नही है ।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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