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जनपद न्यायालय का उद्घाटन हुआ

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
संतकबीरनगर 30 अप्रैल, सितम्बर 1997 जनपद सृजन होने के बाद धीरे-धीरे जिले में सभी प्रशासनिक व्यवस्था पूर्ण होती गई लेकिन आज इतिहास के पन्नो में जनपद संतकबीरनगर न्यायालय भवन मिला। उच्च न्यायालय के इन्फ्रास्टक्चर कमेटी के चेयरमैन एवं वरिष्ठ न्यायमूर्ति वी0के0 शुक्ला के साथ आये प्रशासनिक न्यायमूर्ति वी0के0 बिरला एवं न्यायमूर्ति डी0के0 उपाध्याय ने विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश उमेश चन्द्र शर्मा, न्यायिक अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट मार्कण्डेय शाही सहित गणमान्य अतिथियो के साथ फीता काटकर न्यायालय भवन का उद्वघाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आये न्यायमूर्तियो ने पूरे भवन में टहल कर जानकारी ली इस अवसर पर अधिवक्ताओ के चेम्बर का शिलान्यास भी किया गया साथ ही साथ न्यायिक अधिकारियो ने यादगार के लिए एक साथ फोटो खिचवाकर इतिहास के पन्नो में आज का दिन दर्ज किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज देर शाम सांय 4 बजे से 6 बजे के बीच में नवनिर्मित न्यायालय भवन का उद्वघाटन वरिष्ठ न्यायमूर्तियो द्वारा किया गया।
जनपद एवं सत्र न्यायधीश उमेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि 32 एकड़ भूभाग में नवनिर्मित न्याय भवन में 11 न्याय कक्ष स्थापित है जो दो भागो में है। एक ब्लाक में छह न्याय कक्ष तथा दूसरे ब्लाक में 5 न्याय कक्ष स्थापित किए गए है। उन्होने बताया कि एक ब्लाक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्याय कक्ष होगे तथा दूसरे ब्लाक में अन्य न्यायिक अधिकारियों के कक्ष स्थित है।
अभी 10 अतिरिक्त न्याय कक्ष बनवाने का प्रस्ताव शासन व उच्च न्यायालय को भेजा गया है जिसकी स्वीकृति मिलते ही उक्त न्याय कक्षों का भी निर्माण करा दिया जाएगा। उन्होने बताया कि जिले में कुल 17 कोर्ट शासन तथा उच्च न्यायालय द्वारा स्वीकृत हैं।
उन्होने बताया कि मुख्य भवन में बेसिन की व्यवस्था है जिनमें 4-4 टोटियां लगाई गई हैं। दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय कक्ष बनवाया गया है। पुरूषों एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग कुल 12 टायलेट व तीन यूरिनल स्थापित किए गए है। वादकारियों के लिए अलग से टायलेट व बाथरूम है तथा पूरे परिसर में पांच इण्डिया मार्का हैण्डपंप स्थापित किए गए है। एडीआर बिल्डिंग व जजेज रूम के बीच पब्लिक यूटिलिटी स्थापित की गई है जिसमें पांच टायलेट पुरूषो व महिलाओ के लिए बनाए गए है। साथ ही आ0ओ0 युक्त वाटर कूलर की व्यवस्था की गई है। अधिवक्ताओ के लिए 32000 वर्गफुट भूमि आवंटित की गई है। अधिवक्ताओं के शेड के लिए 8 लाख रूपया संासद निधि से कार्यदायी संस्था आरईडी को प्राप्त हुए है।
16.50 करोड़ रूपये की धनराशि से अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, बार भवन एवं लाइब्रेरी स्थापित कराई जाएगी। अधिवक्ताओं तथा वादकारियों को न्याय भवन तक पहुंचने के लिए खड़ंजा मार्ग बनवा दिया गया है। एडवोकेट चैंबर क्षेत्र में भी इण्डिया मार्का हैण्डपंप स्थापित किए गए है तथा आरईडी द्वारा अधिवक्ता शेड का निर्माण कराया जा रहा है जो 01 मई तक बन जाएगा। जस्टिस शर्मा ने बताया कि न्याय भवन में वीडियो कांफ्रेसिंग रूम भी बनाया गया है जिसमें चैंबर, स्टेनो कक्ष एवं तीन एसी की व्यवस्था की गई है जिसके माध्यम से आने वाले समय में जेल में निरूद्व अभियुक्तो की सुनवाई वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी और उन्हें न्यायालय में लाने की आवश्यकता नही पड़ेगी। यह वीडियो कांफ्रेंसिग रूम जेल से लिंक्ड होगा। उन्होने बताया कि न्याय भवन परिसर में विद्युत आपूर्ति अबाध रूप से जारी रखने के लिए पावर स्टेशन की व्यवस्था की गई है। विशेष रूप से न्यायालय अवधि में सुबह 10 बजे से 5 बजे तक बिजली नही कटेगी। फिर भी 160 केवीए के जनरेटर की व्यवस्था वैकल्पिक रूप से कर ली गई है।
जो विशेष परिस्थितियों में प्रयोग में लाया जाएगा। श्री शर्मा ने बताया कि नवनिर्मित न्याय भवन परिसर जिले का सबसे हरित क्षेत्र होगा। इसके लिए वन विभाग तथा हार्टिकल्चर विभाग द्वारा योजना दी गई है जिससे यह सबसे हरा-भरा व साफ-सुथरा परिसर बन सके। उन्होने बताया कि न्यायालय भवन से एक किमी आगे 92.5 करोड़ रूपये में न्यायिक अधिकारियों के आवास बनवाने का प्रस्ताव भेजा गया था जो बाद में जिलाधिकारी द्वारा रिवाइज करके 38 करोड़ रूपये और बढ़ाया गया है।
इस अवसर सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं जनपद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अधिवक्ताओ के समस्याओ को न्यायमूर्ति से अवगत कराया। इस अवसर पर सीजेएम दीपकान्त मणि, अपर एवं सत्र न्यायधीश प्रफुल्ल कमल, प्रधान न्यायधीश एफटीसी प्रफुल्ल कमल, सिविल जज सीनियर डिवीजन संजय कुमार गौड़, सिविल जज जूनियर डिवीजन आशुतोष कुमार, न्यायिक अधिकारी विनोद कुमार बरनवाल, एडीजे एफटीसी श्रीमती मीना श्रीवास्तव, फैमली जज राजेश कुमार, जे0एम0 रणविजय सिंह, प्रभारी पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ए0पी0 श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी लाल जी यादव, एलआईयू इंस्पेक्टर त्रिलोचन त्रिपाठी सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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