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चैधरी पुरवा में सुविधाओं का अभाव

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
बस्ती 11 जून, सबका साथ, सबका विकास का नारा देकर क¢न्द्र व प्रदेश में सत्तारूढ हुई भाजपा सरकार क¢ जनप्रतिनिधि जमीनी हकीकत को जानने का प्रयास तक नही कर रहे है। आजादी क¢ सात दशक बाद भी हर्रैया विधानसभा क¢ हियारूपुर गांव का चैधरी पुरवा आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। गांव में बिजली, पानी, शौचालय तो दूर लोगो क¢ पास रहने क¢ लिए आवास तक नही है। दहेज में मिले उपकरण शो पीस बनकर रह गये है। विगत विधानसभा चुनाव में ग्रामवासियों ने मतदान क¢ बहिष्कार का मन बनाया तो रालोद प्रत्याशी चन्द्रमणि पाण्ड¢य द्वारा मतदान क¢ लिए निवेदन किया गया लेकिन ना तो उनकी पार्टी सत्ता में आयी और ना उन्हें जीत मिली। ऐसे वे आश्वासन तो नही पूरा कर सके लेकिन उन्होने संघर्ष करने का निर्णय लिया है।
सत्ता से काफी दिन दूर रहने क¢ बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा सबका साथ, सबका विकास, न गुण्ड़ा राज, न भ्रष्टाचार जैसे विभिन्न नारो तथा विज्ञापनो क¢ माध्यम से जनता का ध्यान आकृष्ट कराया गया। भाजपा ने प्रत्येक गांव क¢ पुरवे-पुरवे तक विद्युतीकरण कराने, आवास देने, गांव में विद्युतीकरण कराने जैसे तमाम वादे किये गये।
पार्टी पूर्ण बहुमत क¢ साथ क¢न्द्र व प्रदेश में सत्तारूढ हो गयी। पार्टी क¢ चुनावी वादे महज जुमला साबित हुए जिसका उदाहरण 37 विधानसभा हर्रैया के हियारूपुर गांव का चैधरी पुरवा है। गांव में आज भी लोग ढेबरी क¢ सहारे जीवन-यापन कर रहे है। ऐसा नही है कि गांव के लोगो ने विद्युत कनेक्शन नही लिया है। कनेक्शन भी है और विद्युत पोल भी लगे है लेकिन उस पर अभी तक तार नही खींचा गया। क¢न्द्र सरकार क¢ विशेष अभियान स्वच्छता की बात की जाय तो गांव में अी तक एक भी शौचालय नही बना है। इतना ही नही लगग 65 घर क¢ इस पुरवे में चारो तरफ नालियां बजबजा रही है। गांव में बहुत से ऐसे पात्र है जिनको आवास, पेंशन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए लेकिन न तो इस तरफ अधिकारियो का ध्यान जा रहा है और न ही जनप्रतिनिधियों का। लोगो को आने-जाने क¢ लिए सड़क भी मुहैया नही हो पा रही है।
ग्रामवासियों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ न तक क्यों नही पहंुच पा रहा है। जनप्रतिनिधियों का चुनाव में प्रेम उमड़ता है चुनाव क¢ बाद कोई भी जनप्रतिनिधि ग्रामवासियों का हाल तक लेने को नही पहंुचता। मोबाइल चार्ज करने क¢ लिए लोगो को आस-पास क¢ गांव में जाना पड़ता है। दहेज में मिले तमाम लोगो के उपकरण शो पीस बनकर रह गये है यहां तक कि फ्रीज को आलमारी क¢ रूप में प्रयोग किया जा रहा है। विगत विधानसभा चुनाव में गांव वालो द्वारा मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया था।
ग्रामवासियों का कहना था कि जब तक गांव में मूलभूत सुविधाए मुहैया नही हो जाती वे मतदान नही करेगें। राष्ट्रीय लोकदल क¢ प्रत्याशी चन्द्रमणि पाण्डेय द्वारा ग्रामीणो को आश्वासन दिया गया था लेकिन न तो उनकी पार्टी सत्ता में आयी और न ही उन्हें विजय मिली। क्षेत्र से चुने गये जनप्रतिनिधि ने सुविधा मुहैया कराना तो दूर गांव में जाकर लोगो का हालचाल लेना भी वाजिब नही समझा। इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी हरिश्चन्द्र सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी नही थी। सम्बन्धित विभागो के अधिकारियों को निर्देशित कर गांव क¢ लोगो को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करायी जायेगी।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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