आज की ताजा खबर

चन्द्रशेखर आजाद को श्रद्धा सुमन अर्पित

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
बस्ती 27 फरवरी, जिले के हर्रैया क्षेत्र के एस.डी. चिल्ड्रेन एक¢डमी परिसर में आजादी क¢ नायक, युवाओं क¢ प्रेरणाóोत चन्द्रशेखर आजाद की पुण्य तिथि धूमधाम से मनायी गयी। विद्यालय क¢ बच्चों एवं अध्यापकों द्वारा प्रभात फ¢री निकाली गयी। इस दौरान विभिन्न गगनभेदी नारो से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
विद्यालय क¢ प्रबन्धक एवं राष्ट्रीय लोकदल क¢ प्रदेश सचिव चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने चन्द्रशेखर आजाद क¢ चित्र पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होंनें कहा कि निहित स्वार्थो से परे देश व समाज की सेवा कर आजादी क¢ लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को सच्ची श्रद्धाजंलि दी जा सकती है। श्री पाण्डेय ने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद ने महज 25 वर्ष की म्र में देश को आजाद कराने के लिए खुद को गोली मार लिया था। स्व. चन्द्रशेखर का जन्म 23 जुलाई 1906 ई. में उन्नाव जिले क¢ आदिवासी गांव में हुआ था। उनक¢ बचपन का नाम चन्द्रशेख सीताराम तिवारी था। श्री पाण्डेय ने कहा कि चन्द्रशेखर बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि एवं देशसेवा क¢ प्रति समर्पित थे। स्व. आजाद 14 वर्ष की उम्र में ही महात्मा गांधी द्वारा चलाये गये असहयोग आन्दोलन में भाग लिया। गिरफ्तार होने क¢ बाद उन्होंनें न्यायाधीश को अपना नाम आजाद तथा पिता का नाम स्वतन्त्रता एवं निवासी जेल बताया।
तब से वे चन्द्रशेखर आजाद क¢ नाम से प्राख्यात हो गये। श्री पाण्डेय ने कहा कि आजाद का मत था कि दुश्मनो क¢ साथ मानवता नही बल्कि उनक¢ जैसा ही व्यवहार करना चाहिए। स्व. आजाद इलाहाबाद क¢ अल्फ्रेड पार्क में अपने मित्रों क¢ साथ बैठकर अंग्रेजो क¢ खिलाफ रणनीति तय कर रहे थे तभी अंग्रेजी सैनिकों ने उन्हें घेर लिया। स्व. आजाद दुश्मनो पर वार पर वार करते रहे और जब उनक¢ पास मात्र एक गोली बची तो उन्होंनें यह निर्णय किया कि अंग्रेजो क¢ गिरफ्त नही जायेगे और अन्तिम गोली उन्होंनें अपने कनपटी मार लिया। उन्होंनें कहा कि हम पढ-लिख कर देश एवं समाज की सेवा करते हुए अपने कर्तव्यों का बखूबी से निर्वन करें यही शहीदों क¢ प्रति सच्ची श्रद्धाजंलि होगी। इसक¢ पूर्व विद्यालय क¢ बच्चों एवं अध्यापकों द्वारा प्रभात फ¢री निकाली गयी। प्रभात फ¢री में चन्द्रशेखर आजाद अमर रहे, आजादी हित खून न खौला, खून नही वह पानी है, न हिन्दू बनो, न मुसलमान बनो, भारत मां की संतान बनो आदि गगनभेदी नारो से समूचा वातावरण देशभक्तिमय हो गया।
तत्पश्चात बच्चों द्वारा सरस्वती वन्दना, स्वागत गीत, राष्ट्रगीत सति तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस मौक¢ पर प्रधानाचार्य उमानाथ द्विवेदी, उपप्रधानाचार्य सुधा पाण्डेय, वरिष्ठ अध्यापिका निष्ठा सिं, कोमल पाण्डेय, सेजल पाण्डेय, बबिता पाण्डेय, शिक्षक राम किशोर पटेल, संतोष पाठक, रणजीत यादव, सभाजीत चैधरी, अभिषेक चैधरी, हनुमन्त लाल पटेल, बिबेक पाण्डेय, राम निरजंन वर्मा, प्रभात रंजन वर्मा, राजेश विश्वकर्मा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

About The Author

अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

Related posts