आज की ताजा खबर

गन्ना किसानो के हितों के प्रति सजग है सरकार-योगी आदित्यनाथ

cm

(विचारपरक प्रतिनिधि द्धारा)
पिपराइच (गोरखपुर) 17 नवम्बर , उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा है कि सरकार गन्ना किसानो के हितों के प्रति सजग है पिछली सरकारो ने गन्ना किसानो के भुगतान के लिए परेशान करती थी किसान भुगतान के लिए लम्बे समय तक इन्जार करते थे हमारी सरकार ने 76 हजार करोड़ रूपये का भुगतान करके रिकार्ड बनाया है।
आज यहां पिपराइच चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारम्भ करते हुए उन्होने कहा कि प्रदेश की पूर्व सरकारों ने चीनी मिलें बेचकर पैषे की कमाइ किया पहले पिपराचइ चीनी मिल उत्पादन क्षमता 8 हजार कुन्तल प्रतिदिन था अब यह 50 हजार कुन्तल प्रतिदिन होगा।पिछली सरकारे चीनी मिलों को बंद कर बेचती थी। लेकिन प्रदेश की भाजपा नेतृत्व की सरकार बंद चीनी मिलों को चलाने और नई चीनी मिले लगाने का काम कर रही हैं प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे देश तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है।केन्द्र और प्रदेश की सरकार किसान हितैषी है अब गन्ना किसानो की उपेक्षा नही होने पायेगी।इसके लिए प्रदेश सरकार सर्तक है।
उन्होने कहा कि 2008 से चीनी मिलों को पुर्नजीवित करने के लिए आंदोलन शुरू हुआ, पिपराइच चीनी मिल के पुराने प्रांगण में चीनी मिल को बचाने के लिए आदोलन करते थे। तत्कालीन संवेदनहीन सरकारें जिन्हें किसानों, नौजवानों, व्यापारियों की चिंता नहीं थी, औने-पौने दाम पर चीनी मिलों को बेच दिया। यह मामला अब भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। लेकिन प्रदेश में जब भाजपा की सरकार आई, हमने बंद चीनी मिलों को चलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि पुरानी पिपराइच चीनी मिल की पेराई क्षमता पहले 8 हजार कुंतल थी, अब यह चीनी मिल 50 हजार कुंतल पेराई क्षमता के साथ संचालित होगी। यह चीनी मिल 27 मेगावॉट बिजली भी बनाएगी। इससे 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व भी हासिल होगा। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में यहां सल्फरलेस शुगर प्लांट, आसवानी और 120 केएलपीडी क्षमता की डिस्टलरी एवं गन्ने के जूस से एथेनॉल बनाने का प्लांट भी लगेगा।
उन्होने कहा कि किसानों के पाई-पाई गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए सरकार प्रतिबंध है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में किसान 6-6 वर्ष तक गन्ना मूल्य भुगतान के लिए तरसते थे। लेकिन ढाई साल की सरकार में अब तक 76 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। जब दुनिया में मंदी है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम कम है, इन स्थितियों में भी प्रदेश में 76 हजार करोड़ रुपये से गन्ना मूल्य भुगतान से लोग हतप्रभ हैं। 76 हजार करोड़ प्रदेश के अंदर कई राज्यों का वार्षिक बजट भी नहीं होता है जितना की हमने किसानों को दे दिया है प्रदेश में भाजपा की सरकार आई तो फिर ने नौजवानों को नौकरी, रोजगार और किसानों की खुशहाली लौटाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेता लल्लन त्रिपाठी, मनमोहन सिंह, आनंद सिंह, संघर्ष मणि त्रिपाठी समेत स्थानीय कार्यकर्ताओं ने चीनी मिल के लिए संघर्ष किया था। उन सब का मंच से सीएम ने आभार जताया।
उन्होने कहा कि देश में आज राजनीति का एजेंडा बदला है। जिस देश में लोग जाति, मत, मजहब के आधार पर लोग योजनाएं बनाते थे। समाज को बांटने का काम करते थे, लेकिन मई 2014 में ‘सबका साथ और सबका विकास’ के नारे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनी। शपथ के समय उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस देश के अंदर व्यक्ति, जाति, मत और मजहब को देख कर नहीं, क्षेत्र और भाषा के आधार पर नहीं, बल्कि गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं को ध्यान में रख कर विकास की योजनाएं बनाएंगी। सीएम ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई मृद्रा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, न्यूनतम मूल्य के आधार पर किसानों की उपज की खरीद सुनिश्चित की। उन्होंने किसानों को खाद और बीज के भटकना न पड़े 6 हजार रुपये सालाना की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से ही प्रदेश में सरकार बनते ही किसानों के ऋण माफी योजना ला कर लघु सीमांत किसानों को एक लाख रुपये तक का कर्जा माफ किया। पिछले महीने बागपत में रमाला चीनी मिली को चलाने का सौभाग्य मिला, आज पिपराइच में भी चीनी मिल का लोकार्पण कर रहे हैं।
उन्होने कहा कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व मे किसानो को प्रति वर्ष 6 हजार रूपया दिया जा रहा है अब किसानो को खाद,बीज की समस्या का सामना नही करना पड़ रहा है।
यूरिया की कालाबाजारी रोक दिया गया है भारी मात्रो मे सरकारी भण्डारो मे खाद उपल्बध है।
सरकार किसानो की आमदनी दुगना करने के लिए सरकार दिन-रात प्रयास रत है।

About The Author

अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enter the text from the image below