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किसानो को धान का उचित मूल्य नही मिल पा रहा है-जगदम्बिका पाल

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आलोक कुमार श्रीवास्तव
विचारपरक सवाददाता
सिद्धार्थनगर 19 दिसम्बर , ससंद सदस्य जगदम्बिका पाल ने आज लोकसभा मे शून्य प्रहर के दौरान किसानो को धान बेचने मे हो रही समस्याओ का मामला पुरजोर ढंग से उठाया गया।
आज यहां यह जानकारी देते हुए सूत्रो ने बताया है कि धान खरीद की गति धीमी होने की बात को उठाते हुए उन्होने कहा कि किसान अपना धाना औने-पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर हो रहा है,धान की फसल तैयार होने एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्धारा क्रय केन्द्रो मे पूरी पारदर्शिता रखने के बावजूद सरकार द्धारा चावल मिलो से 67 प्रतिशत चावल की मांग पर उत्पन्न समस्याओ को ससंदस मे पुरजोर से उठाया गया।
संसद सदस्य जगदम्बिका पाल ने कहा भारत सरकार द्धारा धान के समर्थन मूल्य पिछले वर्ष की तुलना मे 14 सौ 70 रूपया से बढ़ाकर 15 सौ 50 रूपया करने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने धान क्रय मे पारदर्शिता लाने के लिए किसानो का पंजीकरण कराना शुरू कर दिया बिना पंजीकरण के कोई किसान अपना धान नही बेच सकता है।
प्रदेश सरकार ने धान खरीद के दौरान आनेवाली समस्याओ को दूर करने के लिए कई बदलाव किया है।
उन्होने कहा अभी तक क्रय केन्द्र प्रभारी बिना धान की खरीद किये ही अधिकारियो को खरीद का ब्यौरा दे देते थे , लेकिन अब सरकार ने प्रादर्शिता लाने के लिए किसानो से धान खरीद करने के साथ केन्द्र प्रभारियो को किसानो के ब्यौरा के साथ खरीद की स्थिति स्पष्ट करनी होगी।चावल मिलो से 67 प्रतिशत रिकवरी चाहती है लेकिन पूर्वांचल के लगभग सभी जिलो मे सूखा के कारण चावल का औसत 62-63 प्रतिशत ही मिलने के कारण अधिकंाश मिले अनुबंधन पत्र ही नही भरा क्योकि चावल मिले धान कूटे तो चावल कैसे पूरा करेगे।
इस कारण से किसान अपना धान औने-पौने दाम एक हजार से लेकर 11 सौ रूपये मे बेचने को मजबूर है।प्रदेश सरकार से 67 प्रतिशत की जगह 62-63 प्रतिशत रिकवरी चावल मिलो से मांग करे।जिससे किसानो को अच्छी कीमत मिल सके।
श्री पाल ने भारत सरकार से इस मामले को गम्भीरता से लेने का अनुरोध किया है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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