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कानून बना कर शिक्षा मित्रों की यथास्थित बरकरार रखा जाय

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
बस्ती 28 जुलाई, शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द किये जाने से सबसे अधिक नुकसान गांव के गरीब बच्चों का हुआ है। शिक्षा मित्र ही प्राइमरी स्कूलों में समुचित शिक्षा देकर गरीब के बच्चों को आगे बढ़ाने में काफी मदद करते थे। शिक्षामित्रों के समायोजन पर भाजपा सरकार को पुनः विचार करना चाहिए और इनको सम्मान जनक तरीके से पुनः प्राइमरी विद्यालयों में समायोजित करना चाहिए लेकिन भारतीय जनता पार्टी के सरकारी की चुप्पी कई लाख शिक्षामित्रों के परिवार के सामने तमाम परेशानियों को जन्म दे रही है। योगी आदित्यनाथ की चुप्पी प्रदेश के लिए घातक सिद्ध होगी।
हक के लिये आन्दोलित शिक्षा मित्रों का आन्दोलन तीसरे दिन भी जारी रहा, सबरे से ही बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र जिलाधिकारी कार्यालय पर जुटने लगे और जिलाधिकारी कार्यालय को घेर लिया। लम्बी नारे बाजी के बाद आक्रोशित शिक्षा मित्रों ने 2 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा।
इसके बाद शिक्षा मित्रों का काफिला भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ा, हजारों शिक्षा मित्रों ने कार्यालय का घेराव किया और सांसद या विधायक को बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान एक महिला समायोजित शिक्षक अर्चना श्रीवास्तव बेहोश हो गई। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया।
शिक्षा मित्रों का आक्रोश देख भाजपा नेता भाग खड़े हुये। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अश्विनी उपाध्याय और जिला मंत्री विजय रंजन त्रिपाठी ने ज्ञापन लेते हुये कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों के साथ है।
उनके साथ अन्याय नहीं होने पायेगा। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद शिक्षा मित्रों ने नागपंचमी का पर्व नहीं मनाया। शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव का निर्णय संयुक्त रूप से लिया गया है।
तीसरे दिन के आंदोलन और ज्ञापन सौंपते समय राघवेन्द्र उपाध्याय, रजनीश मिश्र, गिरजेश दूबे, सन्तोष शुक्ल, प्रदीप दूबे, दिनेश उपाध्याय, संदीप सिंह, प्रदीप चैधरी, राघवेन्द्र सिंह, अशोक सिंह, धर्मेन्द्र पाठक, अश्विनी सिंह, विश्वम्भरनाथ दूबे, कन्हैयालाल भारती, अनन्त पाण्डेय, शिवनाथ चैधरी, राम प्रकाश वर्मा, शिव कुमार चैधरी, सुशीला देवी, सुमन मिश्रा, श्रीकान्त, मीतू श्रीवास्तव,वंदना पाण्डेय, पूनम चैधरी, चन्दा शुक्ला, सुनीता चैधरी, अर्चना वर्मा, नीलम त्रिपाठी, विन्दू यादव, संगीता यादव, मुद्रिका सिंह, अवन्तिका मिश्र के साथ ही हजारों की संख्या में शिक्षक, शिक्षा मित्र और समायोजित शिक्षक शामिल रहे।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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