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काजी अदील अब्बासी जन नायक थे-माता प्रसाद पाण्डेय

काजी अदील अब्बासी जन नायक थे-माता प्रसाद पाण्डेय

आलोक कुमार श्रीवास्तव
विचारपरक सवांददाता
बयारा (सिद्धार्थनगर) 13 मार्च, उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा है कि महान स्वतन्त्रता सग्रंाम सेनानी काजी अदली अब्बासी देश की सेवा के लिए सदैव तैयार रहते थे जन्म से ही सर्घष शाली व्यक्ति थे। सभी वर्गो के लोगो को सन्देश देते थे कि एकता से रहे जिससे हम मजबूत रहे और हम मजबूत रहेगे तो हमारा देश भी मजबूत रहेगा,अदील अब्बासी जन नायक थे। उनका पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित था।
आज यह विचार रफी मेमोरियल इटंर कालेज परिसर मे काजी अदील अब्बासी के 120 वे जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने व्यक्त करते हुए कहा कि काजी अदील अब्बासी 1937 ई0 में पहली बार डुमरियागंज विधान सभा के विधायक हुए और 1957 तक इनका कार्यकाल रहा। आजादी की लड़ाई मे अपने परिवार की चिन्ता छोड़ कर दुश्मनो से लड़ने के लिए निकल पड़े, छोटे से गांव बयारा मेे रह कर भारत देश को आजाद कराने के लिए जो जज्बा उनके अन्दर था वैसे ही हम लोगो के अन्दर होना चाहिए। देश की आजादी के लिए कई बार जेल गये।
उन्होने कहा कि अदील अब्बासी के योगदानो को भुलाया नही जा सकता,अपने देश के लोगो को पढ़ाई-लिखाई के लिए लोगो को प्रेरित करते रहे और जगह-जगह स्कूल, मर्दसे खुलवाये। वह 1922 ई0 मे जेल गये थे उस समय वह लाहौर मे एक बड़े समाचार पत्र जमींदार के प्रधान सम्पादक थे अग्रेजो के खिलाफ लिखने पर उन्हे जेल मे जाना पड़ा।

धन बल से राजनीति पर कब्जा करने वाले व्यक्ति नही थे ,भारत-पाकिस्तान के बटवारे का विरोध कर रहे थे कहते थे कि बटवारे से कोई लाभ नही होने वाला है,गांव-गांव जाकर लोगो को समझाते थे कि भारत-पाकिस्तान का बटवारा न हो,अदील अब्बासी कभी भी अपने लाभ के लिए कोई काम नही किया,समाज को बाटने का काम नही करते थे आज हम लोगो को उनके जैसे बनने की आवश्यकता है।
उन्होने कहा कि सन 1970 मे हमारा काजी अदील अब्बासी से सम्र्पक हुआ था मै एक पीडि़त व्यक्ति की सहायता के लिए इनके पास आया था तो उन्होने कहा कि आप दरोगा से लड़ोगे तो मैने कहा कि न्याय दिलाने के लिए हमेशा लड़ूगा तब से हमारी इनकी जान पहचान हुई थी और मै पीडि़तो, असहायो की सहायता के लिए इनके पास जाया करता था और निस्वार्थ ये सहयोग करते थे।
श्री पाण्डेय ने कहा कि आज के युवा वर्ग के लोगो को इनके बारे मे पढ़ना चाहिए उनके द्धारा देश के लिए किये गये कार्यो की जानकारी प्राप्त करना चाहिए और देश की सेवा के लिए तैयार रहना चाहिए आज हमारे समाज मे काजी अदील अब्बासी जैसे व्यक्ति की आवश्यकता है,यही हम लोगो के निए सच्ची श्रद्धाजलि है।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए काजी अदील अब्बासी के पुत्र अरशद अब्बासी ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक बेटा अपने पिता के जीवन के बारे मे कुछ बताये तो लोग कहेगे कि पता नही सच है या झूठ लेकिन हमारे पिता आर्दश वादी थे देश प्रेमी थे ये सब बात हमको कहने की आवश्यकता नही है आज हम लोग उनके द्धारा देश हित मे किये गये कार्यो का वर्णन कर रहे है,यही सच्ची श्रद्धाजलि है।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए रफी मेमोरियल इटंर कालेज के प्रधानाचार्य अहमद फरीद अब्बासी ने कहा कि गोष्ठी को संबोधित करते हुए जंगे आजादी में अदील अब्बासी का भी बड़ा योगदान है इनका जन्म 13 मार्च सन 1980 ई0 मे हुआ था इनके अन्दर देश की सेवा के लिए जो उत्साह जागी आज उसी के वर्णन करते के लिए कोई शब्द नही है। देश की आजादी के लिए एक सच्चे सिपाही ने अपने पूरे परिवार की चिन्ता छोड़ कर लड़ाई लड़ने चले गये और इनको कई बार जेल भी जाना पड़ा।
उन्होने कहा कि काजी अदील अब्बासी अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के नामवर फरजन्द थे माहिरे कानून थे,माहिरे नफसियात थे गैर जानिबदार इतिहासकार थे,शिक्षा के विस्तार के लिए उन्होने सम्पूर्ण जीवन कार्य किया,उनकी कोई दुश्मनी नही थी। उन्होने कहा कि पुरकशिश व्यक्तित्व के मालिक थे ऐसे महान व्यक्ति के जीवन से हमे प्रेणा लेनी चाहिए।
गोष्ठी को मणेन्द्र मिश्रा मशाल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के युवा काजी अदील अब्बासी के बारे मे कम जानते होगे मै कई देशो मे गया और वहां इनकी चर्चाएं सुनी और जब मै इनकी चचाएं सुनी तो मेरे मे मन मे इनके बारे मे जानने की एक भावना जागी आज हम लोग इनके बारे मे जो कुछ व्यक्त कर रहे है हम लोगो को भी ऐसे ही बनना चाहिए।
गोष्ठी को सदस्य जिला पंचायत मो0 जमाल पुत्तन,सपा नेता फरहान खान,अशोक कुमार श्रीवास्तव,रज्जाक अहमद,अख्तर फारूकी,बीर बहादुर सिंह,काजी सुहेल,अलोक कुमार श्रीवास्तव,काजी सुहेल सहित अन्य लोगो ने भी सम्बोधित किया।
इस मौके पर रामकुमार गुप्ता,अनिल द्धिवेदी, राजेश पाण्डेय,जावेद अहमद,नदीम अहमद,मकबूल अहमद,कुन्न अहमद,महबुबुर्रहमान, अजहर अली, नसीम अहमद, फखरूद्दीन, अनरेन्द्र प्रताप सिंह, मकबूल अहमद, कपिल देव, जावेद अहमद, आसिफ कलाम, रियाज अहमद,,अब्दुल रशीद,महबुर्बरहमान,तिरलोकी,आनन्द सिंह,सहजाद अहमद,इस्लाम,राम किशोर वर्मा,आशीफ कलाम,आमिर फारूकी ,इरशाद अहमद, नसीम अहमद, इस्लाम अहमद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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