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एम्टा मानदेय के लिए 8 जनवरी को धरना देगा

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
सिद्धार्थनगर 27 दिसम्बर, केन्द्र सरकार के मदरसा टीचरो के साथ सौतेले व्यवहार से मदरसा शिक्षक आहत है। केन्द्र सरकार मदरसा माडर्न टीचरो को दो साल से मानदेय नही दे रही है। सोलह राज्यो के 50 हजार टीचरो को केन्द्र सरकार वेतन देने में विफल साबित हो रही है, जिससे अधिकांश टीचर नौकरी छोड़ने को विवश है। बकाया सैलरी के लिए 8 जनवरी को एम्टा धरना प्रदर्शन भी करेगा।
उक्त बाते एम्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुस्लिम रजा खान ने कही। उन्होने कहा कि 16 राज्यों में देश की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य यूपी भी है जहां सूबे की योगी सरकार ने 298 मदरसा टीचरो की सैलरी रोकी गयी है। उन्होने कहा कि एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि केन्द्र सरकार यूपी, मध्यप्रदेश समेत देश के सोलह राज्यो की मदरसा सैलरी को रोका गया है। उन्होने कहा कि मदरसा टीचरो को सैलरी न मिलने के कारण अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ एबीएमएएसएस नाराज है। एबीएमएएसएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुस्लिम रजा खान का कहना है कि देश में आधे से ज्यादा मदरसे उत्तर प्रदेश में संचालित है, जिनमें 25 हजार शिक्षक कार्यरत है। उन्होने कहा कि पिछले दो साल से केन्द्र सरकार ने सैलरी नही दी है तो वही कुछ राज्यों में तीन सालो से सैलरी नही मिली। केन्द्र सरकार के इस रवैये से जहां मदरसा शिक्षक आहत है वही संघ ने भी केन्द्र सरकार के विरूद्ध लड़ाई का मन बना चुका है। उन्होने बताया कि बकाया सैलरी को लेकर 8 जनवरी को लखनऊ मंे प्रदर्शन का फैसला किया गया है।
बता दे कि मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने साल 2008-09 में मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए स्कीम पर प्रोवाइडिंग क्वालिटी एजुकेशन (च्फम्ड) की शुरूआत की थी, जिसके तहत केन्द्र सरकार को मदरसा टीचरो की सैलरी का ज्यादा हिस्सा मिलने वाला था। वर्ष 2008-09 में मानव संशाधन विकास मंत्रलय ने कहा था कि स्नातक टीचरो को 6000 रूपये प्रति माह , परास्नातक टीचरो को 12000 रूपये प्रति माह सैलरी दी जायेगी। जिससे से सैलरी का क्रमशः 75 और 80 फीसदी हिस्सा केन्द्र सरकार देगी और बाकी का हिस्सा राज्य सरकार को देना होगा। यूपी मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता का कहना है कि केन्द्र सरकार को वर्ष 2016-17 में 293.31 करोड़ रूपये का फंड जारी करना था लेकिन केन्द्र सरकार ने फंड ही जारी नही किया है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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