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उ0प्र0 रक्षक दल (प्रथम संशोधन) नियमावली, 2016 के प्रख्यापन को मंजूरी

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(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
लखनऊ 13 दिसंबर ,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘उत्तर प्रदेश रक्षक दल (प्रथम संशोधन) नियमावली, 2016’ के प्रख्यापन को मंजूरी प्रदान की गई।
इसके अनुसार प्रान्तीय रक्षक दल में नामांकित प्रत्येक व्यक्ति, जब तक कि पूर्व में ही सेवान्मुक्त अथवा पदच्युत न कर दिया जाए, फिर 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक सदस्य बना रहेगा।
उत्तर प्रदेश प्रान्तीय रक्षक दल एक्ट, 1948 में निहित प्राविधानों के अनुसार 18 से 45 वर्ष तक की आयु के ग्रामीण युवाओं को भर्ती कर उन्हें प्रारम्भिक प्रशिक्षण के उपरान्त स्वयं सेवा हेतु तैयार किया जाता है। इस एक्ट में की गई व्यवस्था के अनुसार प्रशिक्षित स्वयं सेवक अधिकतम 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक दल का सदस्य रह सकता है।

इस समय प्रदेश में स्वयं सेवी बल के रूप में 02 संगठन-होमगार्डस और प्रान्तीय रक्षक दल स्थापित हैं। होमगाड्र्स स्वयं सेवकों एवं अवैनतिक पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार ड्यूटी पर लगाने की अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित की गई है।होमगार्डस और प्रान्तीय रक्षक दल के कार्य सम्बन्धी दायित्वों के निर्वहन की समरूपता के दृष्टिगत प्रान्तीय रक्षक दल के स्वयं सेवकों/अवैतनिक पदाधिकारियों को भी ड्यूटी पर लगाने हेतु अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष किए जाने का निर्णय लिया गया है।
इस निर्णय से 50 वर्ष से अधिक आयु के पी0आर0डी0 जवानों को 60 वर्ष की आयु तक दल में बने रहने के साथ ड्यूटी के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। इससे जन सामान्य की सुरक्षा सम्बन्धी दायित्वों के निर्वहन में सुगमता होगी।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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