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आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले को 7 वर्ष की सजा

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
बस्ती 7 नवम्बर, विशेष सत्र न्यायाधीश राम मिलन सिंह ने पत्नी को आत्महत्या के लिए विवश करने वाले पति को 7 वर्ष कठोर कारावास व 12 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने की दशा में पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
न्यायालय ने संदेश का लाभ देकर सास व ससुर को बरी कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद यादव ने अदालत में घटना का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि गोंडा जनपद के मनकापुर थाना क्षेत्र के ग्राम राधानगर निवासी अगनू राम ने वर्ष 2008 में अपनी पुत्री रमावती का विवाह सोनहा थाना क्षेत्र के गोबरहिया निवासी रक्षाराम के साथ किया था। छह माह तक सब कुछ ठीक-ठाक चला।
उसके बाद दांपत्य जीवन में कड़वाहट भर गई। विवाहिता के पिता के अनुसार ससुराल में सास रूपा, ससुर मुनिराम व पति रक्षाराम मोटरसाइकिल के लिए विवाहिता को प्रताडि़त करने लगे। 27 फरवरी 2011 को मिट्टी तेल डालकर जला दिये।
दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप पत्र भी इन्ही आपराधिक धाराओं में दाखिल हुआ। सुनवाई के बाद अदालत ने माना की यह दहेज हत्या का मामला नही है। अपितु पति-पत्नी के बीच उपजे कलह के कारण विवाहिता ने स्वंय को जला लिया। इस घटना में सास, ससुर की कोई भूमिका नही है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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