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आग लगने से घर जला, लाखों की छति

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर) 20 मार्च, शेाहरतगढ़ थानान्र्तगत ग्राम गड़ाकुल और चाँदापार के मध्य चेतिया मार्ग पर घटी कि पे्रमशंकर प्रजापति पुत्र पप्पू ग्राम चोहट्टा, थाना शोहरतगढ़, की झोपड़ी में रखा सारा सामान जलकर स्वाहा हो गया, वह किसी तरह अपने आप को बचाया, फिर अपने साथ घटी घटना पर यह कह रहा है कि साहब मैने क्या किया था?
पीड़ित पत्र द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र के अनुसार वह ग्राम गड़ाकुल थाना शोहरतगढ़ में चेतिया मोड़ के निकट किराये के मकान व दुकान में रहकर चाय की दुकान लगाता था तथा अपने बच्चों के साथ उसी मकान में रात्रि को सोता भी है तथा प्रार्थी के खाना बनाने से लेकर समस्त रिहायसी सामान उसी मकान में था, दिनांक 19.03.2018 को समय लगभग 7 बजे सायं को प्रार्थी के दुकान पर वृजेश पुत्र ताराचन्द वो उमेश पुत्र स्व0 देवनरायन सिंह व रवि अग्रवाल पुत्र ओमप्रकाश, विनय सिंह व महबूब आदि बैठे थे। इसी बीच पंकज पाण्डेय से कुछ कहा सुनी हुई, जिस पर वृजेश वर्मा ने बीच बचाव किया। इतने में उक्त पंकज पाण्डेय ने वृजेश को मारकर मुकामी थाना पर गया, वहां पर पंकज पाण्डेय के तमाम सहयोगी आ गये, तथा थाना कम्पाउण्ड के अन्दर गाली देने लगा, जिस पर पंकज पाण्डेय को मुकामी थाना पर बैठा लिया गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसी रंजिशवस एक योजनाबद्ध तरीके से गुट बनाकर रात्रि के 11ः30 बजे प्रार्थी के मकान व दुकान में उक्त सभी लोग पेट्रोल डालकर मकान में आग लगा दिये।
प्रार्थी का लगभग तीन लाख का सामान जल गया। 100 नं0 पर फोन करने पर पुलिस की गाड़ी आयी और उन्होने आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ी बुलाई जब तब वह आग को बुझाती तब तक पूरा मकान व सामान जलकर राख हो गया था। पीड़ित प्रेमशंकर द्वारा स्थानीय थाने पर तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई गयी है।
घटना स्थल से मिली जानकारी के मुताबिक आग किसी ज्वलनसील पदार्थ से लगाई गयी, आग इतनी तेजी से लगी कि उसमें सोया व्यक्ति किसी तरह भागा, जब आग सिलेण्डर को अपने आगोश में ले ली तब विधवंशक नाजारा शुरू हो गया, लोग यह भी बताते हैं कि सड़क के दूसरी तरफ भी सिलेण्डर के अवशेष पाये गये। आग की लपटे इतनी भयानक थी, कि विद्युत केबल भी न बच पायी। इससे इंदाजा लगाया जा सकता है, कि आग कितनी भयावह थी।
आगजनी में राकेश अग्रवाल उर्फ छोटू की 200 सीसी की अपाची बाइक भी जल गयी, जिसका नं0 यू0पी0 55 वी 3205 थी। राकेश अग्रवाल की माने तो रात्रि में उनकी बाइक पन्चर हो गयी थी और पंचर न बनने के कारण उसे उसी होटल में रखवा दिया, उन्हे क्या मालुम कि रात्रि में यह घटना घट जायेगी। हालाकि घटी घटना की जानकारी इन्श्योरेन्स विभाग को दे गयी है, और उन्हे न्याय की उम्मीद है।
पीड़ित ने अपने शिकायती पत्र के साथ जले हुए सामानों की सूची उपलब्ध कराई है, जिसमें उसका विवरण दिया गया है, जो 6 मेज, 7 कुर्सी बड़ा, 2 टीना रिफाइन, चीनी 1 कुन्टल, मैदा 1 बोरी, 2 टीना तेल, 42 हजार रूपये सहारा बैंक से मिला था, 40 किलोग्राम मिठाई, तीन काडन्टर, 4 साइकिल, 200सीसी अपाची मोटरसाइकिल, एक इनवरर्टर बैटरी, 1 100 वाट सोलर पैनल, आलमारी-1, बक्सा 2, फ्रीज 185 लीटर, चैकी-2, कपडा, वर्तन, राजई, गद्दा, चादर तथा 2 सिलेण्डर आग में जलकर फट गया, के रूप में दी गयी है।

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अनुराग श्रीवास्तव विचारपरक के पत्रकार है |

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