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अवैध पटटा निरस्त हुआ

(विचारपरक प्रतिनिधि द्वारा)
संतकबीरनगर 24 जून, जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने जनपद के सरकारी भूमियो पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों को सचेत करते हुए कहा कि कोई भी अतिक्रमणी अगर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से पट््टा करा कर किसी तरह से उसका उपयोग कर रहा है तो जिला प्रशासन इस बात के लिए कटिबद्ध है कि वह अवैध अतिक्रमणियों से जमीन को मुक्त करा कर अतिक्रमणी को वेदखल कर देगा। इसी क्रम में जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ग्राम जंगल बेलहर तहसील मेंहदावल में बन विभाग की लगभग 214 बीघा 4 बिस्वा जमीन जो 140 लोगो द्वारा 1975 में पट््टा करा कर कृषि योग्य भूमि का उपयोग किया जा रहा था। जिस भूमि के बारे में तीन बार 1 मई 1954, 21 नवम्बर 1966 तथा 30 नवम्बर 1968, को बजट नोटिफिकेशन की धारा 4 व 6 के अन्तर्गत कराया गया था लेकिन इसके बावजूद भी लोगो ने पट््टा करा कर उसका उपयोग कर रहे थे।
इसमें बन विभाग की तरफ से पट््टा निरस्तीकरण के बाद धारा 198 (4) के अन्तर्गत दाखिल किया गया था। उसमें जांच उपरान्त उभय पक्षो को सुनते हुए जिलाधिकारी ने श्री शाही ने 12 जून 2017 अपने एक आदेश के तहत 140 लोगो को जमीन से बेदखल करने का निर्देश देते हुए जमीन वन विभाग के खाते में दर्ज कराये जाने का आदेश दिया। इसी क्रम में जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने धनघटा तहसील के ग्राम बसुधा गाटा संख्या 1/2 व 1/3 जो राजस्व अभिलेखो में नदी है तथा गाटा संख्या 2/1 व 2/2, 2/3, 2/4 तथा 2/5 राजस्व अभिलेखो में घासकला, एवं 3/1, व 3/2 राजस्व अभिलेखा में ताल के रूप में दर्ज है। जो धारा 132 में सार्वजनिक उपयोग की भूमि है। जिसका किसी पट््टा अम्बिका आदि के पक्ष में 8 दिसम्बर 1975 को किया गया था। जिसके निरस्तीकरण के लिए उपजिलाधिकारी धनघटा द्वारा आख्या दी गई थी कि पट््टा निरस्त कर दिया जाए। इस पर जिलाधिकारी श्री शाही ने उभय पक्षो को सुन कर 7 जून 2017 को उक्त कृषि पट््टा निरस्त करते हुए उस भूमि को पूर्ववत नदी, घास कला व ताल के खाते में अंकित किये जाने का निर्देश दिया।

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